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गुनगुना पानी पीने से वात, पित्त और कफ रहते हैं संतुलित : रामचरण

गुनगुना पानी पीने से वात, पित्त और कफ रहते हैं संतुलित : रामचरण

योग हमारे ऋषि-मुनियों की पद्धति, योग शिविर में करवाए गए योगासन, प्राणायाम और ध्यान

कैथल। पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के तत्वावधान में पतंजलि योग समिति और भारत स्वाभिमान कैथल द्वारा संचालित सह-योग शिक्षक प्रशिक्षण शिविर एवं सर्व रोग निदान शिविर के 14वें दिन का शुभारंभ समाजसेवी महेंद्र सैनी, नारायण पिरामिड ध्यान केंद्र से संजीव चौधरी तथा निखिल खुरानिया द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

आयोजकों ने बताया कि शिविर को 21 जून तक बढ़ा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सेक्टर-20 हुड्डा पार्क में हजारों लोगों की भागीदारी के साथ विशेष योग महोत्सव आयोजित किया जाएगा।

योग हमारी प्राचीन धरोहर : महेंद्र सैनी

मुख्य अतिथि महेंद्र सैनी ने कहा कि योग हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा दी गई अमूल्य पद्धति है। शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को नियमित रूप से योग और ध्यान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि योग जीवन को संतुलित और सकारात्मक बनाने का प्रभावी माध्यम है।

ध्यान की विधि से कराया परिचित

संजीव चौधरी, मीनाक्षी और निखिल खुराना ने साधकों को ध्यान की विभिन्न विधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ध्यान के माध्यम से भटके हुए मन को नियंत्रित किया जा सकता है तथा मानसिक शांति और एकाग्रता प्राप्त की जा सकती है।

गोमुखासन और प्राणायाम के बताए लाभ

युवा भारत जिला प्रभारी अनिल गुप्ता एवं युवा भारत शहरी प्रभारी राणा अनिल आर्य ने प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न योगासन और प्राणायाम का अभ्यास करवाया। अनिल गुप्ता ने गोमुखासन की सही विधि और उसके लाभों की जानकारी देते हुए बताया कि यह आसन हाइड्रोसील, यौन रोग, स्त्री रोग, संधिवात और गठिया जैसी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है।

उन्होंने बताया कि भुजंगासन, शलभासन, गोमुखासन तथा मिश्रित योग चिकित्सा के अभ्यास से कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स और यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करने में भी सहायता मिल सकती है।

अनुलोम-विलोम से मजबूत होता है श्वसन तंत्र

भारत स्वाभिमान प्रभारी एवं शिविर संयोजक रामचरण ने अनुलोम-विलोम प्राणायाम करवाते हुए कहा कि इसके नियमित अभ्यास से फेफड़े मजबूत होते हैं और शरीर को शुद्ध प्राणवायु प्राप्त होती है। इससे खांसी, जुकाम और नजला जैसी समस्याओं में राहत मिलती है तथा स्मरण शक्ति और एकाग्रता में वृद्धि होती है।

उन्होंने कहा कि अनुलोम-विलोम से हृदय की नलिकाओं में आए अवरोधों को दूर करने में मदद मिलती है और पूरा श्वसन तंत्र सक्रिय एवं मजबूत होता है। साथ ही उन्होंने खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह देते हुए कहा कि गुनगुना पानी पीने से वात, पित्त और कफ संतुलित रहते हैं।

21 जून को होगा योग महोत्सव और भंडारा

खाटू श्याम सालासर सेवा समिति के प्रधान मनोज सिंगला ने सहयोगियों के साथ प्रसाद वितरित किया तथा बताया कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विशेष योग महोत्सव आयोजित किया जाएगा। योग सत्र के बाद यज्ञ और विशाल भंडारे का भी आयोजन किया जाएगा।

उन्होंने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अधिक से अधिक संख्या में योग शिविर में पहुंचकर स्वास्थ्य लाभ लेने की अपील की।

ये रहे उपस्थित

इस अवसर पर आयोजन समिति के बदन सिंह आर्य, वीरभान कौशिक, प्रेमचंद जांगड़ा, पंकज मित्तल, रामफल, सतपाल गुप्ता, विनोद गर्ग, जसवंत, रोशन सैनी, सुरेश सैनी, महेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, दर्शना गुप्ता, कमलेश कौशिक, नीलम रत्तेवाल, रमादेवी, शकुंतला देवी, कविता सहित सैकड़ों योग साधक उपस्थित रहे।

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