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फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन आरसी कैंसिल कर राशि हड़पने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

फर्जी दस्तावेजों के जरिए वाहन आरसी कैंसिल कर राशि हड़पने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन आरसी कैंसिलेशन के नाम पर फर्जीवाड़ा कर सरकारी राशि हड़पने का आरोप, पुलिस ने मोबाइल और लैपटॉप भी किए बरामद

कैथल। आमजन से धोखाधड़ी करने वाले आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत जिला पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वाहन आरसी कैंसिल कर सरकारी राशि हड़पने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ द्वारा की गई।

मामले की कार्रवाई एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी एसआई मुकेश कुमार के नेतृत्व में एएसआई अजीत सिंह की टीम ने की।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि 19 जून को एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ की टीम अपराधियों की तलाश में जींद बाईपास क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को एक विश्वसनीय गुप्त सूचना प्राप्त हुई कि जींद बाईपास रोड स्थित बंद पड़े इंडियन पेट्रोल पंप के पीछे बने एक खान डिस्पोजल गोदाम में साहिल खान अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर वाहनों की ऑनलाइन आरसी कैंसिल कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर रहा है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर छापेमारी कर गांव बालू निवासी साहिल खान को काबू कर लिया।

दूसरों के दस्तावेजों का किया जाता था इस्तेमाल

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी ऐसे वाहन मालिकों की आरसी कैंसिल करवाने की प्रक्रिया में शामिल थे, जिनके नाम से मिलते-जुलते नाम वाले अन्य व्यक्तियों के आधार कार्ड और पैन कार्ड का उपयोग किया जाता था। इन दस्तावेजों को ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर आरसी कैंसिलेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती थी।

इसके बाद सरकार द्वारा आरसी कैंसिल करने पर मिलने वाली राशि को धोखाधड़ी से प्राप्त कर आरोपी आपस में बांट लेते थे। इस कारण वास्तविक वाहन मालिक योजना के लाभ से वंचित रह जाते थे और सरकार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था।

मोबाइल और लैपटॉप से मिले अहम दस्तावेज

पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की तो उसमें विभिन्न व्यक्तियों के आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा वाहन आरसी से संबंधित दस्तावेज मिले। जांच में यह भी पाया गया कि कई मामलों में वास्तविक वाहन मालिकों और अपलोड किए गए दस्तावेजों में दर्ज व्यक्तियों के नाम एवं पते अलग-अलग थे।

पूछताछ में साहिल खान ने खुलासा किया कि वह अपने साथी अश्विनी के साथ मिलकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम देता था। दोनों आरोपी समान नाम वाले व्यक्तियों के दस्तावेज एकत्र कर ऑनलाइन आरसी कैंसिल करवाते थे और प्राप्त राशि अपने खातों में मंगवाकर आपस में बांट लेते थे।

फर्जी हस्ताक्षर करने का भी आरोप

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जिन मामलों में हस्ताक्षर की आवश्यकता होती थी, वहां आरोपी स्वयं फर्जी हस्ताक्षर कर प्रक्रिया पूरी कर देते थे।

मौके से पुलिस ने एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन तथा एक एचपी एलिटबुक लैपटॉप बरामद किया है, जिनका उपयोग कथित रूप से इस फर्जीवाड़े में किया जा रहा था।

दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार, दो दिन का रिमांड

मामले में थाना सिविल लाइन में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। आगामी जांच एएसआई संजय कुमार द्वारा की गई, जिसके दौरान ऋषि नगर निवासी अश्विनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से व्यापक पूछताछ के लिए उनका दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और अन्य संभावित पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

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