नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि सुमित गर्ग ने हरी झंडी दिखाकर साईं दर्शन यात्रा जत्थे को किया रवाना
हजूर साहिब, ज्योतिर्लिंगों और शिरडी के दर्शन करेगा श्रद्धालुओं का जत्था, समिति ने किए विशेष प्रबंध
कैथल। श्री साईं रसोई सेवा समिति, कैथल द्वारा आयोजित वार्षिक साईं दर्शन यात्रा का शुभारंभ श्रद्धा और उत्साह के साथ हुआ। इस अवसर पर नगरपालिका चेयरमैन प्रतिनिधि सुमित गर्ग ने हजूर साहिब सचखंड और शिरडी जाने वाले श्रद्धालुओं के जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी यात्रियों की सुखद, सुरक्षित और मंगलमय यात्रा की कामना की।
सुमित गर्ग ने कहा कि धार्मिक यात्राएं समाज में भाईचारा, आध्यात्मिक जागरूकता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। ऐसे आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं।
यात्रा के तहत श्रद्धालुओं को कैथल से बसों द्वारा करनाल रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया, जहां से संगत रेलमार्ग के जरिए सचखंड श्री हजूर साहिब के लिए रवाना हुई। श्रद्धालु वहां मत्था टेकने और दर्शन करने के बाद आगे विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेंगे।
इन प्रमुख धार्मिक स्थलों के होंगे दर्शन
यात्रा के दौरान श्रद्धालु सचखंड श्री हजूर साहिब के दर्शन के बाद औंधा नागनाथ ज्योतिर्लिंग, एलोरा की विश्व प्रसिद्ध गुफाएं, घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग, शनि शिंगणापुर तथा शिरडी साईं बाबा मंदिर में दर्शन करेंगे।
शिरडी में श्रद्धालु साईं बाबा समाधि मंदिर के साथ-साथ द्वारकामाई, चावड़ी, लेंडी बाग और अन्य पवित्र स्थलों के भी दर्शन करेंगे, जिनका संबंध साईं बाबा के जीवन से जुड़ा हुआ है।
यात्रा के अगले चरण में श्रद्धालु नाशिक पंचवटी, श्री सप्तश्रृंगी माता मंदिर और त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे।
शिरडी में निकलेगी भव्य साईं पालकी यात्रा
समिति की ओर से शिरडी प्रवास के दौरान विशेष साईं पालकी यात्रा का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालु साईं बाबा के जयकारों, भजनों और ढोल-नगाड़ों के साथ पालकी यात्रा में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त दो दिवसीय विशाल साईं भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध भजन गायक साईं महिमा का गुणगान करेंगे।
यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था
समिति पदाधिकारियों ने बताया कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के रहने, भोजन, परिवहन और दर्शन व्यवस्था के विशेष प्रबंध किए गए हैं। सेवकों की समर्पित टीम पूरी यात्रा के दौरान संगत की सेवा में तत्पर रहेगी ताकि सभी श्रद्धालुओं को पारिवारिक और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हो सके।
समिति ने बताया कि वह लगातार साप्ताहिक साईं लंगर, धार्मिक आयोजनों, भजन संध्याओं और सेवा कार्यों के माध्यम से समाज को साईं बाबा की शिक्षाओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।
अंत में समिति ने सभी श्रद्धालुओं और साईं भक्तों से साईं बाबा के संदेश ‘श्रद्धा और सबूरी’ को जीवन में अपनाने तथा सेवा और भक्ति के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।













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