

कैथल, 8 जुलाई। इस्कॉन प्रचार समिति, कैथल द्वारा आयोजित 18वीं श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम एवं समापन दिवस पर कथा व्यास श्रीमन साक्षी गोपाल प्रभु जी ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए पूतना वध, भगवान की करुणा तथा राजा बलि की शरणागति का प्रसंग सुनाया। कथा के अंत में श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति के माध्यम से जीवन में आनंद और आध्यात्मिक उन्नति का संदेश दिया गया।
प्रभु जी ने बताया कि शुकदेव गोस्वामी महाराज ने राजा परीक्षित को सुनाया कि कंस के अत्याचार लगातार बढ़ते जा रहे थे। देवकी के छह पुत्रों की हत्या करने के बाद वह भगवान श्रीकृष्ण का भी वध करना चाहता था, लेकिन भगवान अपनी योगमाया से गोकुल पहुंच गए। इसके बाद कंस ने राक्षसी पूतना को भगवान का वध करने के लिए भेजा।
उन्होंने बताया कि पूतना ने अपनी योग सिद्धियों के बल पर सुंदर स्त्री का रूप धारण कर गोकुल में प्रवेश किया और स्वयं को गोकुल की निवासी बताते हुए यशोदा मैया से भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन की इच्छा जताई। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना का वध कर उसका उद्धार किया। प्रभु जी ने कहा कि भगवान ने यह विचार किया कि जिसने उन्हें स्तनपान कराया, वह भी माता के समान है। इसलिए उन्होंने पूतना को भी मोक्ष प्रदान कर अपने धाम भेज दिया। यह भगवान की असीम करुणा और भक्तवत्सलता का सर्वोच्च उदाहरण है।
कथा के दौरान उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण सच्चिदानंद स्वरूप हैं। जो व्यक्ति निष्काम भाव से भगवान की भक्ति करता है, उसके जीवन में स्वयं भगवान का आगमन होता है और उसके जीवन में आनंद, शांति एवं आध्यात्मिक सुख का संचार होता है।
प्रभु जी ने राजा बलि और भगवान वामनदेव के प्रसंग का भी वर्णन करते हुए बताया कि राजा बलि ने तीन पग भूमि दान करने का वचन निभाते हुए अंततः स्वयं को भगवान के चरणों में समर्पित कर दिया। यही पूर्ण शरणागति का आदर्श उदाहरण है।
प्रेस सचिव भारत मदान ने बताया कि इसी के साथ 18वीं श्रीमद्भागवत कथा को विश्राम दिया गया। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को 18 जुलाई को आयोजित होने वाली भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सपरिवार शामिल होने का आमंत्रण दिया।
कथा के दौरान इस्कॉन प्रचार समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मंच पर पहुंचकर श्रीमद्भागवत की आरती उतारी तथा प्रभु जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा के यजमान तुषार सैनी (मीडिया कोऑर्डिनेटर, मुख्यमंत्री हरियाणा), कार्तिक सैनी, रमेश गर्ग, डीएसपी रोहताश, एसएचओ सुरेंद्र, रवि पहलवान दयोरा, सोनू वर्मा, मोहन राठी, अमरजीत छाबड़ा, रोहित बंसल, नीरज मक्कड़, सतपाल मंगला सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में गोकुल जल सेवा मंडल एवं पूर्वांचल जन विकास मंडल का विशेष सहयोग रहा। कथा के समापन पर समिति की ओर से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान का महाप्रसाद ग्रहण किया।
SEO Tags:
कैथल न्यूज, ISKCON Kaithal, श्रीमद्भागवत कथा, साक्षी गोपाल प्रभु जी, पूतना वध, भगवान श्रीकृष्ण, जगन्नाथ रथ यात्रा, धार्मिक समाचार, Kaithal News, Haryana News, ISKCON Haryana, Bhagwat Katha Kaithal, Jagannath Rath Yatra Kaithal

Leave a Reply