स्कूलों में योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर आयोजित, विद्यार्थियों ने सीखे योग और प्राणायाम के गुर
कैथल, 22 मई: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत जिला प्रशासन और आयुष विभाग द्वारा शिक्षा विभाग के सहयोग से जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में योग प्रोटोकॉल प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए।
इन शिविरों का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के प्रति जागरूक करना और उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना रहा। कार्यक्रम का आयोजन जिला परिषद के सीईओ एवं योग दिवस नोडल अधिकारी सुरेश राविश की देखरेख तथा जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया के मार्गदर्शन में किया गया।
शिविरों में आयुष योग सहायकों, शारीरिक प्रवक्ताओं और शारीरिक शिक्षा अध्यापकों ने विद्यार्थियों को योग प्रोटोकॉल का अभ्यास करवाया। इस दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, त्रिकोणासन और सूर्य नमस्कार सहित विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया गया।
इसके साथ ही विद्यार्थियों को अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाति और गहरी श्वास से जुड़े प्राणायाम की तकनीकों की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षकों ने योग और प्राणायाम के लाभ सरल और रोचक तरीके से समझाए।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और एकाग्रता मजबूत होती है। योग बच्चों की स्मरण शक्ति, आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों का अधिक समय मोबाइल फोन, टीवी और अन्य डिजिटल उपकरणों पर बीत रहा है, जिससे शारीरिक गतिविधियां कम हो रही हैं। ऐसे में योग बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।
डॉ. दहिया ने बताया कि नियमित योग और प्राणायाम से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, शरीर मजबूत और लचीला बनता है तथा तनाव और मानसिक दबाव कम होता है। योग सकारात्मक सोच, धैर्य, आत्मनियंत्रण और अनुशासन विकसित करने में भी सहायक है।
उन्होंने स्कूल मुखियों से अपील की कि विद्यार्थियों को प्रतिदिन योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ, जागरूक और आत्मविश्वासी बन सके।










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