साइकिल से कार्यालय पहुंच रहे महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेन्द्रकुमार अनायत
कैथल, 16 मई 2026: पर्यावरण संरक्षण, स्वस्थ जीवनशैली और सादगीपूर्ण कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. राजेन्द्रकुमार अनायत इन दिनों साइकिल से कार्यालय पहुंच रहे हैं। उनके इस प्रयास की विश्वविद्यालय परिसर और शहर में व्यापक सराहना हो रही है।
कुलगुरु प्रो. राजेन्द्रकुमार अनायत ने कहा कि साइकिल चलाना न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है, बल्कि यह प्रदूषण कम करने और ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वदेशी अपनाने और पर्यावरण संरक्षण का जो संदेश दिया गया है, उससे प्रेरणा लेकर सभी को देशहित में आगे आना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों से अपील की कि वे अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण हितैषी साधनों को अपनाएं और छोटी दूरी के लिए साइकिल का उपयोग करें।
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. गोविन्द वल्लभ ने बताया कि कुलगुरु प्रो. अनायत अपने दैनिक कार्यों और निजी जरूरतों के लिए भी अक्सर साइकिल का उपयोग करते हैं। उनका यह कदम विश्वविद्यालय के कर्मचारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक है।
उन्होंने कहा कि इससे समाज में सादगी, अनुशासन और पर्यावरण जागरूकता का सकारात्मक संदेश जाएगा। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भी परिसर में साइकिल के उपयोग को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
आज के समय में, जब लोग छोटी दूरी तय करने के लिए भी मोटर वाहनों का उपयोग करते हैं, ऐसे में कुलगुरु प्रो. राजेन्द्रकुमार अनायत का यह प्रयास समाज के सामने एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।










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