खेल-खेल में मिलेगी साइबर और सड़क सुरक्षा की सीख, एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने किया सुरक्षा खेल पिटारा का विमोचन
कैथल। जिला पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित हिंदी प्राध्यापक डॉ. विजय कुमार चावला द्वारा तैयार किए गए ‘साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता खेल पिटारा’ का बुधवार को विमोचन किया गया। इस अवसर पर साइबर एवं सड़क सुरक्षा जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. चावला को सम्मानित भी किया गया।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि कैथल हरियाणा का पहला जिला बन गया है, जहां सभी विद्यालयों में ‘साइबर सुरक्षा एवं सड़क सुरक्षा खेल पिटारा’ तथा सड़क सुरक्षा जागरूकता गतिविधियों को लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों, अभिभावकों और आमजन को मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से साइबर सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक बनाना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम के तहत लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह अभियान साइबर अपराधों और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
डॉ. विजय कुमार चावला द्वारा विकसित इस अभिनव खेल पिटारे में पासा खेल, साँप-सीढ़ी, लूडो, रोल-प्ले, शब्द खोज पहेली और स्लोगन लेखन जैसी रचनात्मक गतिविधियों को शामिल किया गया है। इन गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों को मजबूत पासवर्ड बनाने, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने, फर्जी लिंक की पहचान करने, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा करने, सुरक्षित सोशल मीडिया उपयोग और साइबर अपराधों की रिपोर्टिंग से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी।
इसके साथ ही हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, यातायात संकेतों का पालन करने, गति सीमा का सम्मान करने और सुरक्षित सड़क व्यवहार अपनाने के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि यह अनूठी पहल विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नेतृत्व क्षमता, सहभागिता और जिम्मेदार नागरिकता की भावना को मजबूत करेगी। साथ ही “सुरक्षित इंटरनेट–सुरक्षित समाज–सुरक्षित भारत” और “सुरक्षित सड़क–सुरक्षित जीवन” के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और जागरूकता को खेलों के माध्यम से जोड़ने का यह अभिनव प्रयास बच्चों और युवाओं में साइबर सुरक्षा तथा सड़क सुरक्षा के प्रति व्यवहारिक समझ विकसित करेगा और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगा।









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