पीएम स्वनिधि योजना: रेहड़ी-फड़ी संचालकों के लिए आत्मनिर्भरता की नई राह
📍 कैथल | 🗓️ Updated: 18 April 2026
आसान ऋण, सब्सिडी और डिजिटल प्रोत्साहन से छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति में आ रहा सकारात्मक बदलाव।
कैथल, 18 अप्रैल: रेहड़ी-पटरी संचालकों और छोटे व्यापारियों के लिए प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएम स्वनिधि) योजना एक सशक्त सहारा बनकर उभरी है। इस योजना के माध्यम से बिना गारंटी के ऋण, ब्याज में छूट और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देकर लाखों छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
डीसी अपराजिता ने बताया कि योजना का उद्देश्य उन स्ट्रीट वेंडर्स को आर्थिक मजबूती देना है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम स्वनिधि योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि छोटे व्यापारियों को औपचारिक बैंकिंग प्रणाली से भी जोड़ती है।
इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को चरणबद्ध तरीके से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। पहले चरण में 15,000 रुपये, समय पर भुगतान करने पर दूसरे चरण में 25,000 रुपये और तीसरे चरण में 50,000 रुपये तक का ऋण बिना किसी गारंटी के दिया जाता है। समय पर ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सब्सिडी सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए योजना में डिजिटल लेनदेन को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया गया है। डिजिटल भुगतान अपनाने वाले वेंडर्स को मासिक कैशबैक की सुविधा मिलती है, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले लाभार्थियों को लगभग ₹40,000 की सीमा वाला क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाता है।
डीसी अपराजिता ने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सरलता है। इसमें किसी प्रकार की संपत्ति गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती और आवेदन प्रक्रिया भी बेहद आसान रखी गई है। इससे अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग योजना से जुड़ पा रहे हैं।
उन्होंने जिले के सभी पात्र रेहड़ी-पटरी संचालकों से अपील की कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को मजबूत करें। इच्छुक लाभार्थी नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या नगर परिषद कार्यालय में जाकर पंजीकरण कर सकते हैं।
पीएम स्वनिधि योजना के प्रभाव से कैथल जिले में छोटे व्यापारियों की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। यह योजना न केवल आजीविका को सशक्त बना रही है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

















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