कैथल। भारत-पाक युद्ध 1965 में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीद सिपाही रामचंद्र निवासी कैलरम और अमर शहीद सिपाही करनैल सिंह निवासी हरिगढ़ किनण का 61वां बलिदानी दिवस मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैलरम के प्रांगण में श्रद्धा और देशभक्ति के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों, शहीदों के परिजनों, ग्रामीणों, विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में तीन जाट रेजीमेंट के जवानों ने पाकिस्तान के लाहौर के निकट डोगराई क्षेत्र में इच्छोगिल नहर और डोगराई की लड़ाई में अदम्य साहस का परिचय दिया था। डोगराई क्षेत्र लाहौर से करीब 11 किलोमीटर की दूरी पर स्थित था। इस संघर्ष में तीन जाट रेजीमेंट के 88 जवानों ने बलिदान दिया और 300 से अधिक सैनिक घायल हुए।
जगजीत फौजी ने कहा कि तीन जाट रेजीमेंट के जवानों का संकल्प था कि वे डोगराई में ही जिंदा या मुर्दा मिलेंगे। जवानों ने अदम्य वीरता का परिचय देते हुए डोगराई में तिरंगा फहराया। इसी ऐतिहासिक युद्ध में कैथल जिले के शहीद सिपाही रामचंद्र कैलरम और शहीद सिपाही करनैल सिंह हरिगढ़ किनण ने भी देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।
शहीदों के परिजनों ने अर्पित की श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में शहीद सिपाही रामचंद्र के पुत्र राजबीर और पोते प्रवीण कुमार तथा शहीद सिपाही करनैल सिंह के भतीजे करम सिंह ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने शहीदों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया और उनके जीवन से देशभक्ति की प्रेरणा लेने का संकल्प लिया।
देशभक्ति गीतों से गूंजा विद्यालय परिसर
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद विद्यालय में देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्व सैनिक एवं लोक गायक कलाकार फौजी कर्मवीर ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। छात्रा हिना कश्यप और शिवम वजीर नगर ने भी देशभक्ति गीतों के माध्यम से अमर शहीदों को नमन किया।
फौजी कर्मवीर ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और शहीदों के जीवन एवं बलिदान से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं से देशहित में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया।
विद्यालय की प्रिंसिपल पंकज मैडम ने बलिदानी दिवस कार्यक्रम में पहुंचे पूर्व सैनिकों, ग्रामवासियों, शहीद परिवारों और सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के प्रधान जगजीत फौजी, फौजी कर्मवीर, सरपंच नरेश कुमार, विद्यालय प्रिंसिपल पंकज, स्कूल स्टाफ, एचएफओ भीम सिंह गिल, एचएफओ महेंद्र सिंह राणा, कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, सीपीओ राजबीर भाना, हवलदार मदन सिंह चहल, सीएफएन भले राम राठी, हवलदार राजपाल बालू, हवलदार मांगेराम शर्मा, हवलदार अभे राम, हवलदार रामपाल कुंडू, हवलदार रामकुमार मटौर, हवलदार मंगत नंबरदार बालू, नायक धर्मपाल, नायक राजपाल बालू, हवलदार रतन सिंह जाखौली, दफेदार सतपाल कसान, दफेदार राजाराम कशान, हवलदार मदन सिंह, सूबेदार उदे भान शर्मा ढांड प्रधान, रिसालदार बलदेव सिंह सैनी, हवलदार राजपाल, सूबेदार बलबीर सिंह माजरा, नायक नरेंद्र सिंह, हवलदार रामचंद्र सहित अन्य पूर्व सैनिक, स्कूल स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शहीद रामचंद्र और शहीद करनैल सिंह के बलिदान को नमन करते हुए कहा कि देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों की शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी।


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