कैथल, 19 अक्टूबर। डिजिटल युग में साइबर अपराधी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब WhatsApp कॉल और मैसेज के जरिए स्क्रीन शेयरिंग या मोबाइल मिररिंग करवाकर बैंक खातों से पैसे उड़ाने के मामले सामने आ रहे हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए कैथल के पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने नागरिकों के लिए साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

बैंक अधिकारी और कस्टमर केयर एजेंट बनकर करते हैं ठगी
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर एजेंट, यूपीआई हेल्पडेस्क या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते हैं। वे केवाईसी अपडेट, रिफंड, इनाम मिलने या बैंक खाता बंद होने जैसी बातों का डर दिखाकर अथवा लालच देकर लोगों का विश्वास जीतते हैं।
इसके बाद ठग WhatsApp पर संदिग्ध लिंक भेजते हैं या स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करने के लिए कहते हैं। जैसे ही व्यक्ति अपनी मोबाइल स्क्रीन शेयर करता है, ठग बैंकिंग ऐप से जुड़ी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड और यूपीआई पिन जैसी संवेदनशील जानकारियां देख सकते हैं। इससे वे पीड़ित के बैंक खाते से अनधिकृत ट्रांजैक्शन कर सकते हैं।
वीडियो कॉल के जरिए भी फंसाते हैं साइबर अपराधी
एसपी ने बताया कि कई मामलों में साइबर अपराधी WhatsApp वीडियो कॉल के माध्यम से मदद करने का बहाना बनाते हैं और लोगों को स्क्रीन शेयर करने के लिए राजी कर लेते हैं। इसके अलावा, वे AnyDesk और अन्य रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करवाकर मोबाइल का नियंत्रण हासिल करने की कोशिश करते हैं।
एक बार मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिलने पर ठग निजी जानकारी और बैंकिंग गतिविधियों का दुरुपयोग कर सकते हैं। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग चालू करना या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल करना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने नागरिकों को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी:
- किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर WhatsApp पर मोबाइल स्क्रीन शेयर न करें।
- अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- Google Play Store या Apple App Store के अलावा अन्य स्रोतों से ऐप इंस्टॉल न करें।
- किसी के साथ ओटीपी, पासवर्ड या यूपीआई पिन साझा न करें।
- बैंक अधिकारी या कस्टमर केयर कर्मचारी बनकर संपर्क करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि करें।
- तकनीकी सहायता के लिए संबंधित बैंक या कंपनी के आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर पर ही संपर्क करें।
- बैंक खाते में कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन दिखाई देने पर तुरंत बैंक को सूचित करें।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय हैं। किसी भी बैंक या सरकारी संस्था के नाम पर संपर्क करने वाले व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और अपनी गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें।
उन्होंने अपील की कि यदि कोई व्यक्ति WhatsApp स्क्रीन शेयरिंग या किसी अन्य माध्यम से साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज करवाए। समय पर शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने और उसकी वापसी की संभावना बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
कैथल पुलिस की अपील: सतर्क रहें, अपनी डिजिटल जानकारी सुरक्षित रखें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत शिकायत करें।
