कैथल, 16 सितंबर। 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में मातृभूमि की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले कैथल जिले के वीर सैनिकों की स्मृति में विभिन्न गांवों और स्कूलों में बने शहीद स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में शहीद परिवारों के सदस्यों के साथ ग्रामीण, स्कूली विद्यार्थी, स्कूल स्टाफ और पूर्व सैनिक शामिल होकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल के प्रधान जगजीत फौजी ने बताया कि जिले के विभिन्न गांवों में स्थापित वीर शहीदों के स्मारकों पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों ने देश की आन, बान और शान की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए और उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाना चाहिए।
इन वीर शहीदों को दी जाएगी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम के तहत शहीद हरभजन सिंह, शू माजरा, 13 पंजाब को 18 सितंबर को श्रद्धांजलि दी जाएगी। इसके बाद शहीद हरि चंद, नैना, 6 जाट को 19 सितंबर को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
शहीद केहर सिंह, ढांड, 17 राजपूत, शहीद गुरदयाल सिंह, जाखौली, 3 जाट और शहीद सियाराम, राजौंद, 14 राजपूत को 20 सितंबर को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
इसी क्रम में शहीद करनैल सिंह, हरिगढ़ किंगण, 3 जाट और शहीद रामचंद्र, कैलरम, 3 जाट को 22 सितंबर को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। जगजीत फौजी ने बताया कि दोनों वीर एक ही बटालियन, कंपनी और प्लाटून में लड़ते हुए एक ही स्थान पर और एक ही समय शहीद हुए थे।
आतंकवादी गतिविधियों में शहीद जवानों को भी नमन
उन्होंने बताया कि आतंकवादी गतिविधियों में शहीद हुए शहीद सुरेंद्र सिंह, क्योड़ माजरा, जैक राइफल को 20 सितंबर को श्रद्धांजलि दी जाएगी। वहीं शहीद सुरेश कुमार, फ्रांस वाला, 314 फील्ड रेजीमेंट, जो आतंकवादी गतिविधियों में शहीद हुए थे, को 30 सितंबर को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
स्कूल स्टाफ और ग्रामीणों से शामिल होने की अपील
जगजीत फौजी ने बताया कि इन श्रद्धांजलि कार्यक्रमों में संबंधित गांवों के साथ-साथ आसपास के पूर्व सैनिक भी पहुंचेंगे। उन्होंने स्कूलों के स्टाफ से भी अपील की कि वे विद्यार्थियों के साथ शहीद स्मारकों पर पहुंचकर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दें।
उन्होंने कहा कि शहीदों और उनके परिवारों का सम्मान करना समाज की जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से युवा पीढ़ी को देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के जीवन और योगदान से परिचित कराया जा सकता है।



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