कैथल में मुठभेड़ के बाद इनामी आरोपी काबू, बड़ी वारदात टली
कैथल, 04 मई: कैथल पुलिस द्वारा अपराधियों के खिलाफ एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के कुशल नेतृत्व में सख्त कार्रवाई करते हुए एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने किसी बड़ी घटना को टालते हुए हत्या के प्रयास मामले में वांछित एक इनामी आरोपी को मुठभेड़ के बाद काबू कर लिया। मुठभेड़ के दौरान आरोपी की टांग में गोली लगी है। आरोपी थाना शहर क्षेत्र में फायरिंग कर युवक पर जानलेवा हमला करने के मामले में वांछित था, जिसकी गिरफ्तारी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
प्रेस वार्ता के दौरान डीएसपी सुशील प्रकाश ने बताया कि एंटी व्हीकल थेफ्ट स्टाफ प्रभारी एसआई मुकेश कुमार की टीम रात के समय गश्त के दौरान पूंडरी क्षेत्र में मौजूद थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वांछित आरोपी संदीप, जो कि मटौर गांव का निवासी है और वर्तमान में शुगर मिल कॉलोनी कैथल में रह रहा है, एक गाड़ी में सवार होकर फरल की ओर से पूंडरी की तरफ आएगा और उसके पास अवैध हथियार भी हो सकता है। साथ ही वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने फरल नहर के पास नाकाबंदी की। कुछ समय बाद फरल की ओर से आई एक संदिग्ध आई-20 कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक ने गाड़ी भगाकर भागने का प्रयास किया और वाहन पेड़ से टकरा गया। इसके बाद गाड़ी में सवार युवक उतरकर भागने लगा और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने हवाई फायर कर आरोपी को आत्मसमर्पण करने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने फिर से फायरिंग की, जिसमें एक गोली टीम इंचार्ज एसआई मुकेश कुमार की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जो आरोपी की दाहिनी टांग में लगी और वह गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया।
पुलिस ने आरोपी की पहचान गांव मटौर निवासी संदीप के रूप में की है। उसके कब्जे से एक अवैध हथियार और एक कारतूस बरामद किया गया है। पुलिस टीम पर कातिलाना हमला करने के आरोप में थाना पूंडरी में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
डीएसपी ने बताया कि अमित निवासी बलराज नगर कैथल की शिकायत के अनुसार 19 फरवरी की रात वह अपने साथी राहुल के साथ जाखौली अड्डा गया था। इसी दौरान संदीप ने उस पर देसी कट्टे से फायरिंग की और अपने साथियों के साथ उसका पीछा करते हुए कई गोलियां चलाईं, जिनमें से एक गोली अमित के हाथ में लगी थी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इस संबंध में थाना शहर में मामला दर्ज किया गया था। इस मामले में तीन आरोपी पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि संदीप फरार चल रहा था।
बताया गया कि यह घटना पुरानी रंजिश से जुड़ी हुई है। वर्ष 2014 में अमित और उसके साथी राहुल पर मटौर निवासी मंदीप की हत्या का आरोप था, जिसमें दोनों आरोपी वर्ष 2015 में बरी हो गए थे। इसी रंजिश के चलते संदीप, जो कि मंदीप का भाई है, ने अपने साथियों के साथ मिलकर अमित पर हमला किया था। आरोपी संदीप पर पहले भी मारपीट का मामला दर्ज है और वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था, जिसे पुलिस ने समय रहते पकड़कर टाल दिया।















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