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विदेशी रिश्तेदार बनकर 23 लाख की ठगी, एक और आरोपी आसिफ अली गिरफ्तार

विदेशी रिश्तेदार बनकर 23 लाख की ठगी, एक और आरोपी आसिफ अली गिरफ्तार

📍 कैथल | 🗓️ Updated: 22 April 2026
साइबर ठगों का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, बुजुर्ग से भावनात्मक धोखे से 23 लाख रुपये ठगे।

कैथल, 22 अप्रैल: साइबर ठगों के खिलाफ एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में चीका क्षेत्र के एक बुजुर्ग से विदेश में रह रहे रिश्तेदार बनकर 23 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है।

साइबर क्राइम थाना प्रभारी एसआई रणदीप सिंह के नेतृत्व में एएसआई प्रदीप कुमार की टीम ने हन्डोरा जिला प्रतापगढ़ (यूपी) हाल निवासी नोएडा के आशिफ अली को काबू किया है।

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार चीका के वार्ड नंबर 16 निवासी संतोख ने शिकायत दी थी कि उसके दो बेटे पिछले 15 वर्षों से इटली में रहते हैं। उसके साले के बेटे बलराज व मनजीत भी इटली में हैं और मनजीत बचपन से उनके साथ रहा है, जिससे वह उसे अपने बेटे की तरह मानता है।

29 मई 2023 को शिकायतकर्ता के पास एक विदेशी नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को मनजीत बताया। भावनात्मक रूप से जुड़ने के कारण शिकायतकर्ता उसकी बातों में आ गया और अपनी पत्नी से भी बात करवाई। आरोपी ने कहा कि वह भारत आ रहा है और कागजात बनवाने के लिए तुरंत 3 लाख रुपये की जरूरत है।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने बताए गए खाते में पहले 15 हजार रुपये और फिर अलग-अलग बहानों से 2 लाख 85 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद मां की बीमारी, एक्सीडेंट और अन्य बहानों से बार-बार पैसे मांगे गए।

आरोपियों ने पुलिस और कोर्ट के नाम पर भी पैसे ऐंठे। कभी जुर्माना, कभी जज को पैसे देने के नाम पर ठगी की गई। अंत में एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मौत का बहाना बनाकर मामले को रफा-दफा करने के लिए 6 लाख रुपये और हड़प लिए।

इस तरह आरोपियों ने विभिन्न बहानों से कुल 23 लाख रुपये की ठगी की। बाद में जब शिकायतकर्ता ने अपने साले से संपर्क किया तो उसे पता चला कि मनजीत पूरी तरह ठीक है और उसने कोई पैसे नहीं मांगे थे।

मामले में साइबर थाना में केस दर्ज किया गया था, जिसमें पहले ही यूपी निवासी साकिव मोहम्मद सहित 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी साकिव मोहम्मद का 2 दिन का पुलिस रिमांड लिया गया था।

जांच में सामने आया कि आरोपी आसिफ अली ने बैंक खाते उपलब्ध करवाकर साइबर ठगों की मदद की थी। दोनों आरोपियों को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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