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मंडियों में अव्यवस्था पर भड़के रणदीप सुरजेवाला, बोले—मंडियां फुल, किसान की जेब खाली

सरकारी खरीदी की ‘भाजपाई नौटंकी’ से मंडियों में हाहाकार, किसान की जेब खाली : रणदीप सुरजेवाला

📍 कैथल | 🗓️ Updated: 22 April 2026
सांसद रणदीप सुरजेवाला व विधायक आदित्य सुरजेवाला ने मंडियों का दौरा कर सरकार पर साधा निशाना, उठान व भुगतान में देरी को बताया किसानों के साथ अन्याय।

कैथल, 22 अप्रैल 2026: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस महासचिव एवं सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला व कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कैथल की अतिरिक्त अनाज मंडी का दौरा कर किसानों की समस्याएं सुनीं और भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कैथल सहित पूरे हरियाणा की मंडियों में गेहूं की आवक जोरों पर है, लेकिन सरकार किसानों, खेत मजदूरों, आढ़तियों और मंडी मजदूरों के साथ अन्याय कर रही है।

सुरजेवाला ने कहा कि भीषण गर्मी में खुले में तपते मजदूर-किसान परेशान हैं—न खरीदी हो रही है, न उठान और न ही फसल का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी खरीदी की ‘भाजपाई नौटंकी’ के चलते मंडियों में ‘धोखाधड़ी और अत्याचार’ का माहौल है, जिससे किसान, मजदूर और आढ़ती सभी परेशान हैं।

उन्होंने कहा कि नायब सैनी सरकार की बदनीयती का नतीजा है कि प्रदेश की अनाज मंडियां ‘फुल’ हैं, लेकिन किसान की जेब ‘खाली’ है। सुरजेवाला ने बताया कि हरियाणा की मंडियों में अब तक 78.68 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, लेकिन बेमौसमी बारिश, बारदाने की कमी, सुस्त उठान और भुगतान में देरी के कारण किसान भारी संकट में हैं।

उन्होंने कहा कि करीब 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं अभी भी खरीदी के इंतजार में खुले आसमान के नीचे पड़ा है, जबकि 37.07 लाख मीट्रिक टन गेहूं उठान न होने के कारण मंडियों में ही बिखरा पड़ा है।

कैथल जिले की स्थिति को गंभीर बताते हुए उन्होंने कहा कि 21 अप्रैल तक 6,15,192 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई, लेकिन केवल 2,61,088 मीट्रिक टन का ही उठान हुआ, यानी 62% गेहूं का उठान नहीं हो पाया। कैथल एक्सटेंशन मंडी में 58,688 मीट्रिक टन खरीद के मुकाबले केवल 10,000 मीट्रिक टन उठान हुआ, जबकि चीका मंडी व एक्सटेंशन में 97,019 मीट्रिक टन खरीद के मुकाबले 33,383 मीट्रिक टन ही उठान हुआ। पाई और राजौंद मंडी में भी यही हाल रहा।

सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि सरकार ने बायोमेट्रिक, सर्वर और ट्रैक्टर नंबर जैसी अनिवार्य शर्तें लगाकर किसानों को परेशान किया है। उन्होंने कहा कि खेत में काम करते-करते किसानों के अंगूठे के निशान मिट जाते हैं, ऐसे में बायोमेट्रिक की शर्त क्यों लगाई गई? सर्वर डाउन होने से ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो अपलोड नहीं हो पाती, जिससे किसान को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।

उन्होंने आढ़तियों के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा और कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 2.5% आढ़त मिलती थी, जिसे घटाकर पहले ₹45.88 प्रति क्विंटल कर दिया गया और अब भी पूरी आढ़त नहीं दी जा रही। उन्होंने कहा कि आढ़तियों को समय पर भुगतान भी नहीं मिलता, जिससे उनकी स्थिति खराब हो रही है।

सुरजेवाला ने कहा कि सरकार ने समय रहते बारदाना और तिरपाल की व्यवस्था नहीं की, जिससे बेमौसमी बारिश में किसानों की फसल खराब हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मौसम विभाग पहले ही चेतावनी दे चुका था तो तैयारी क्यों नहीं की गई?

उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल से खरीद शुरू होने के बावजूद 22 दिन बाद भी किसानों को भुगतान नहीं किया गया है, जो सरकार के वादों के विपरीत है।

सुरजेवाला ने मांग की कि सर्वर व पोर्टल की गड़बड़ी तुरंत दूर की जाए, बिना बाधा गेहूं की खरीद शुरू की जाए, किसानों को भुगतान किया जाए, आढ़तियों को पूरा 2.5% आढ़त मिले, मजदूरों की मजदूरी बढ़ाई जाए, खराब फसल का मुआवजा दिया जाए और मंडियों में पर्याप्त बारदाना व तिरपाल उपलब्ध कराया जाए।

विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार के फैसले छोटे और सीमांत किसानों के लिए मुसीबत बन गए हैं। उन्होंने कहा कि किसान, मजदूर और आढ़ती अब सरकार की नीतियों से तंग आ चुके हैं और सरकार को तुरंत अपनी नीतियों में बदलाव करना चाहिए।

इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामचन्द्र गुर्जर ढांड, अतिरिक्त अनाज मंडी प्रधान रघुबीर मलिक, अश्विनी शोरेवाला, रामनिवास मित्तल, सोहन ढुल, सुरेश गर्ग, मुनीश सिक्का, सुरजीत बैनीवाल, जयकिशन मान, राजकुमार सिंगला, रामफल मलिक, पवन मलिक, देशराज बंसल, पिनक कैंदल, धर्मपाल कठवाड़, रवि सैनी, नरेश, बलकार अटैला, बीरबल देवबन, धर्मवीर चहल सहित अन्य मौजूद रहे।

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