“सच की आवाज़, हर दिन आपके साथ”

Advertisement

पूर्व सैनिक दफेदार दिलेर सिंह पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

पूर्व सैनिक दफेदार दिलेर सिंह पंचतत्व में विलीन, सैन्य सम्मान के साथ दी गई अंतिम विदाई

📍 कैथल | 🗓️ Updated: April 2026
भारतीय सेना के पूर्व सैनिक दफेदार दिलेर सिंह को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों ने दी श्रद्धांजलि।

कैथल, 19 अप्रैल: भारतीय सेना की 7 कैवेलरी आर्म्ड कोर में सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए पूर्व सैनिक दफेदार दिलेर सिंह का 18 अप्रैल को बीमारी के कारण निधन हो गया। वे अपने पैतृक गांव डेरा हरि सिंह वाला (सैर), तहसील गहुला में निवास कर रहे थे और समय-समय पर विदेश भी जाते रहते थे।

उनके पुत्र और पुत्री 19 अप्रैल को विदेश से पहुंचे, जिसके बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। इस दौरान जैसे ही पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन कैथल को इस दुखद समाचार की जानकारी मिली, एसोसिएशन के प्रधान व उनकी टीम गांव सैर स्थित उनके पैतृक स्थान पर पहुंची।

एसोसिएशन के प्रधान जगजीत फौजी, कैप्टन मुख्तार सिंह जांगड़ा, चीफ पेटी ऑफिसर राजबीर भाना, सूबेदार बलबीर सिंह, सूबेदार बलविंदर सिंह और सूबेदार मेजर खजान सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिकों ने पार्थिव शरीर पर तिरंगा ओढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और अंतिम यात्रा में शामिल हुए।

शमशान घाट में एसोसिएशन के प्रधान ने पुष्प चक्र अर्पित किया। इस दौरान सूबेदार अवतार सिंह गहुला, सूबेदार पंजाब सिंह, इंस्पेक्टर सुरेश कुमार (बीएसएफ), हवलदार कुलवंत सिंह, हवलदार गज्जन सिंह, कैप्टन गुरमेल सिंह, हवलदार सुरजीत सिंह, नायक सुरजीत सिंह, लेफ्टिनेंट निरंजन सिंह, दफेदार बलविंदर सिंह, रिसालदार रघुबीर सिंह, रिसालदार करम चंद, रिसालदार कर्मवीर, दफेदार राजाराम कसान, दफेदार राजवीर सिंह सहित अनेक पूर्व सैनिकों और ग्रामीणों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए गए।

श्रद्धांजलि के उपरांत तिरंगा उनके पुत्र जंजीर सिंह को सौंपा गया, जो विदेश से अपने पिता के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे थे। इस अवसर पर उनकी बहन हरजिंदर कौर, चाचा नंबरदार कपूर सिंह, सुखविंदर सहित परिवारजन और गांव के लोग उपस्थित रहे।

एसोसिएशन प्रधान जगजीत फौजी ने तिरंगा भेंट करते हुए कहा कि एक सैनिक के जीवन की सबसे बड़ी कमाई यही तिरंगा होता है, जो आने वाली पीढ़ियों को देश सेवा की प्रेरणा देता रहेगा। तत्पश्चात उनके पुत्र ने चिता को मुखाग्नि दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *