पटाखे जैसी आवाज निकालकर दहशत फैलाने वाली बुलेट बाइक पर कैथल पुलिस की पैनी नजर, डीएसपी ट्रैफिक रमेश चंद्र ने वाहन चालकों से मॉडिफिकेशन नहीं करवाने की अपील की।

कैथल, 5 नवंबर। कैथल जिले में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। विशेष रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालने वाली बुलेट मोटरसाइकिलों पर पुलिस की पैनी नजर है। कैथल ट्रैफिक पुलिस ने अक्टूबर महीने में 48 बुलेट मोटरसाइकिलों के चालान किए हैं।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार जिले में ट्रैफिक पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान करने के साथ-साथ आमजन को भी ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक कर रही है।
मॉडिफाइड साइलेंसर वाली बुलेट बाइक पर विशेष निगरानी
डीएसपी ट्रैफिक रमेश चंद्र ने बताया कि कुछ वाहन चालक अपनी बुलेट मोटरसाइकिलों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगवाकर पटाखों जैसी तेज आवाज निकालते हैं। इससे शहर और कस्बों की कॉलोनियों में रहने वाले लोगों, महिलाओं और छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अचानक तेज आवाज से आम नागरिकों में भय पैदा होता है और सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालक भी घबरा सकते हैं, जिससे दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है।
उन्होंने बताया कि ऐसे वाहनों के खिलाफ कैथल पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देशानुसार सभी थाना प्रबंधकों और ट्रैफिक पुलिस को इस प्रकार की मोटरसाइकिलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।
चालान काटना नहीं, लोगों की जिंदगी बचाना पुलिस का उद्देश्य
डीएसपी रमेश चंद्र ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और आमजन की जिंदगी सुरक्षित रखना है। सड़क हादसों में होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए कैथल पुलिस प्रतिबद्ध है।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि वे एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यातायात नियमों का पालन करें और अपने वाहनों में किसी प्रकार का अनावश्यक मॉडिफिकेशन न करवाएं। सुरक्षित यातायात के लिए नियमों की पालना जरूरी है, ताकि वाहन चालक स्वयं और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।
