“सच की आवाज़, हर दिन आपके साथ”

Advertisement

30 साल पुराना बिजली विवाद खत्म, पांच गांवों में जगमग योजना लागू होने से 87% से घटकर 20% होगा लाइन लॉस

30 साल पुराना बिजली विवाद खत्म, पांच गांवों में जगमग योजना लागू होने से 87% से घटकर 20% होगा लाइन लॉस

कैथल। डीसी अपराजिता की अगुवाई में जिला प्रशासन, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (यूएचबीवीएन) तथा ग्रामीणों के आपसी सहयोग से जिले के पांच बड़े गांवों में बिजली सुविधाओं को लेकर वर्षों से चला आ रहा गतिरोध समाप्त हो गया है। करीब 30 वर्षों से लंबित इस मामले के समाधान के बाद अब इन गांवों में बिजली संबंधी विकास कार्यों को गति मिलेगी और बिजली निगम को भी बड़ा लाभ होगा।

डीसी अपराजिता की सूझबूझ, बिजली निगम और ग्रामीणों की सकारात्मक सोच के चलते खुराना, ढुंढवा, मूंदड़ी, शिमला और पिंजूपुरा गांवों में बिजली संबंधी विकास कार्यों को लेकर सहमति बन गई है। इन गांवों में म्हारा गांव जगमग गांव योजना लागू होने के बाद बिजली निगम का लाइन लॉस 87 प्रतिशत से घटकर लगभग 20 प्रतिशत तक रह जाएगा।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभाग की विभिन्न जनहितैषी योजनाओं के माध्यम से न केवल बिजली ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को कम करने और ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

डीसी की पहल से बनी सहमति

बिजली विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय नागरिकों और भारतीय किसान यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की सकारात्मक वार्ताएं आयोजित की गईं। इन प्रयासों का परिणाम यह रहा कि खुराना, ढुंढवा, मूंदड़ी, शिमला और पिंजूपुरा गांवों में विकास कार्य शुरू करने पर पूर्ण सहमति बन गई।

उल्लेखनीय है कि पिछले लगभग 30 वर्षों से इन गांवों में बिजली बिलों और बिजली योजनाओं को लेकर गतिरोध की स्थिति बनी हुई थी। अधिकांश ग्रामीण न तो नियमित रूप से बिजली बिल जमा कर रहे थे और न ही विभागीय योजनाओं का लाभ ले रहे थे। अब स्थिति में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।

निगम को होगा लगभग 10 करोड़ रुपये का वार्षिक लाभ

विभागीय आंकड़ों के अनुसार इन पांच गांवों में प्रतिवर्ष 255.57 लाख यूनिट बिजली की खपत होती है, जबकि 224.02 लाख यूनिट का नुकसान निगम को झेलना पड़ता है। यह कुल खपत का लगभग 87.65 प्रतिशत है।

यदि इन गांवों को पूरी तरह से म्हारा गांव जगमग गांव योजना के अंतर्गत शामिल किया जाता है तो लाइन लॉस घटकर लगभग 20 प्रतिशत रह जाएगा। इससे निगम को करीब 172.91 लाख यूनिट बिजली की बचत होगी, जिसका अनुमानित वित्तीय लाभ लगभग 10 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष होगा।

पीएम सूर्य घर योजना से बदल रही तस्वीर

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत भी जिले में स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत अब तक 6382 सोलर कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिनमें 2949 कनेक्शन अंत्योदय परिवारों को दिए गए हैं।

भारत सरकार और हरियाणा सरकार की ओर से प्रत्येक पात्र परिवार को लगभग 1.10 लाख रुपये तक की सब्सिडी प्रदान की जा रही है, जिससे गरीब परिवारों को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और उनका आर्थिक बोझ कम हो रहा है।

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधीक्षक अभियंता सोमवीर ने बताया कि जिला प्रशासन, निगम अधिकारियों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों से इन गांवों के लोगों ने वर्तमान स्थिति को समझते हुए विकास कार्यों में सहयोग करने का निर्णय लिया है।

उन्होंने कहा कि सबसे सराहनीय योगदान गांववासियों का है, जिन्होंने वर्षों पुरानी समस्या के समाधान में रुचि दिखाई। निगम की योजनाओं का लाभ मिलने से ग्रामीणों को बेहतर बिजली आपूर्ति, फाल्ट समाधान और अन्य सुविधाएं समय पर मिल सकेंगी।

डीसी अपराजिता ने कहा कि यह उपलब्धि ग्रामीणों, जिला प्रशासन और बिजली निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। सभी के सहयोग से जिले को विकास की नई दिशा मिलेगी और भविष्य में भी ऐसे जनहित कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *