23 साल पुराने मामले का मध्यस्थता से समाधान, पक्षकारों ने जताई संतुष्टि
कैथल: हरियाणा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा संचालित ‘समाधान समारोह’ के तहत कैथल जिले से जुड़े एक 23 वर्ष पुराने मामले का सफलतापूर्वक निपटारा मध्यस्थता के माध्यम से किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कैथल के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी कंवल कुमार तथा मध्यस्थ अरविंद खुरानिया के प्रयासों से संविदा कर्मचारी को नियमित करने से संबंधित यह लंबित विवाद आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। यह मामला लगभग 23 वर्षों से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में लंबित था।
कंवल कुमार ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा आयोजित समाधान समारोह का उद्देश्य लंबित मामलों का सौहार्दपूर्ण और त्वरित निपटारा सुनिश्चित करना है। इसी पहल के तहत दोनों पक्षों की सहमति से इस पुराने विवाद को मध्यस्थता के माध्यम से सफलतापूर्वक समाप्त किया गया।
उन्होंने बताया कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय में 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली लोक अदालत के माध्यम से भी लंबित मामलों के निपटारे का अवसर उपलब्ध रहेगा।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि मध्यस्थता और लोक अदालत के माध्यम से विवादों का समाधान होने से पक्षकारों के बीच आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहता है। साथ ही लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता तथा नियमानुसार न्यायालय शुल्क भी वापस किया जाता है।
उन्होंने सभी पक्षकारों से अपील की कि वे समाधान समारोह और आगामी लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपने मामलों का शांतिपूर्ण समाधान करवाएं।
मामले के सफल निपटारे के बाद दोनों पक्षों ने संतोष व्यक्त करते हुए सर्वोच्च न्यायालय की इस पहल की सराहना की और संबंधित अधिकारियों का आभार जताया।














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