कैथल, 24 अगस्त 2026। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) द्वारा युवाओं को नशे से दूर रखने और उन्हें शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, खेल एवं रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में राजकीय बहुतकनीकी संस्थान कैथल में नशे के विरुद्ध एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 850 विद्यार्थियों और 51 शिक्षकों ने भाग लिया।
हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, आईपीएस के दिशा-निर्देश तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त, फरीदाबाद एवं ब्यूरो के पुलिस उप-महानिरीक्षक राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य कुलबीर सिंह अहलावत और सत्यवान ढाका ने विशेष भूमिका निभाई।
नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभाव बताए
ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने विद्यार्थियों को नशे के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और आर्थिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, स्वास्थ्य, पढ़ाई, कौशल, रोजगार और भविष्य को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए नशे की शुरुआत के कारणों और इससे बचाव के उपायों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि कई बार नशे की शुरुआत जिज्ञासा, बुरी संगति या दोस्तों के दबाव के कारण होती है। शुरुआत में इसे सामान्य मानने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे इसकी गिरफ्त में आ जाता है और उसका भविष्य प्रभावित होने लगता है।
युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान
डॉ. वर्मा ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। युवाओं को अपनी ऊर्जा नशे में नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल विकास, खेल, रोजगार, सामाजिक सेवा और रचनात्मक गतिविधियों में लगानी चाहिए।
भावनात्मक संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “नशा होता अच्छा तो माँ कहती—खा ले मेरे बच्चा।” उन्होंने कहा कि कोई भी मां अपने बच्चे को नशे की गिरफ्त में नहीं देखना चाहती। इसलिए युवाओं को अपने माता-पिता की उम्मीदों और अपने उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए नशे से हमेशा दूर रहना चाहिए।
प्रवर्तन, जागरूकता और पुनर्वास पर काम कर रहा ब्यूरो
डॉ. वर्मा ने बताया कि हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो नशे के खिलाफ प्रवर्तन, जागरूकता तथा उपचार एवं पुनर्वास के तीन प्रमुख स्तरों पर कार्य कर रहा है। नशा तस्करों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ विद्यार्थियों और आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति को समाज से अलग करने के बजाय उसके उपचार और पुनर्वास में परिवार एवं समाज को सहयोग करना चाहिए। समय पर उपचार, उचित मार्गदर्शन और परिवार के सहयोग से नशे की गिरफ्त में आया व्यक्ति भी सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन जी सकता है।
नशा तस्करी की सूचना देने की अपील
डॉ. वर्मा ने विद्यार्थियों से अपील की कि यदि कहीं नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी अथवा अन्य संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की हेल्पलाइन 90508-91508 अथवा राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दें। उन्होंने बताया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. वर्मा ने कविता के माध्यम से भी युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा अपने साथियों, परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
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