कैथल, 8 अगस्त 2026। हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ (HAJRAS) ने अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का ऐलान किया है। कैथल की जाट धर्मशाला में आयोजित राज्य स्तरीय बैठक में संगठन ने पदोन्नति में आरक्षण, रोस्टर रजिस्टर, बैकलॉग, तृतीय श्रेणी की लंबित पदोन्नतियों और प्राथमिक विद्यालयों में मुख्य शिक्षक के पद बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर चार चरणों में आंदोलन चलाने का निर्णय लिया।
राज्य प्रधान डॉ. दिनेश निम्बड़िया की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के 15 जिलों से जिला प्रधान, जिला सचिव, जिला कोषाध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी सदस्य सहित राज्य एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत राज्य महासचिव विनोद मोहड़ी द्वारा संगठन का एजेंडा प्रस्तुत करने के साथ हुई।
पदोन्नति में आरक्षण पर सरकार के रुख से नाराज HAJRAS
राज्य प्रधान डॉ. दिनेश निम्बड़िया ने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों को पदोन्नति में आरक्षण देने के मामले में हरियाणा सरकार का रवैया निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 7 अक्टूबर 2023 को ग्रुप A एवं B के पदों पर अनुसूचित जाति वर्ग के लिए पदोन्नति में आरक्षण से संबंधित निर्देश जारी किए थे।
उन्होंने कहा कि इन निर्देशों को चुनौती देने वाले मामले में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा क्रीमी लेयर से जुड़े मुद्दे पर राज्य सरकार को आगे निर्णय लेने की दिशा में निर्देश दिए गए हैं। संगठन का कहना है कि यदि सरकार के सामने क्रीमी लेयर से संबंधित कोई नीतिगत प्रश्न है तो उसे स्पष्ट नीति बनाकर न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहिए। इसके नाम पर अनुसूचित जाति वर्ग के कर्मचारियों की पदोन्नतियों को अनिश्चितकाल तक रोकना उचित नहीं है।
डॉ. निम्बड़िया ने कहा कि संघ की मांग है कि केंद्र सरकार के हालिया रुख को ध्यान में रखते हुए हरियाणा सरकार न्यायालय के समक्ष अपना स्पष्ट पक्ष रखे और लंबित पदोन्नति मामलों को अंतिम न्यायिक निर्णय के अधीन रखते हुए आगे बढ़ाने का रास्ता निकाले।
बातचीत से समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन का रास्ता
HAJRAS नेताओं ने कहा कि संगठन मुख्यमंत्री, मंत्रियों, मुख्य सचिव और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष कई बार अपनी मांगें रख चुका है। हाल ही में विभिन्न अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठनों के साथ विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार से भी मुलाकात कर मुख्यमंत्री स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
संगठन के अनुसार लगातार ज्ञापन एवं बातचीत के बावजूद यदि सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
26 अगस्त से शुरू होगा पहला चरण
बैठक में तय किया गया कि 26 अगस्त 2026 के बाद आंदोलन का पहला चरण खंड स्तर पर शुरू किया जाएगा। लगभग एक माह तक प्रदेश के विभिन्न खंडों में प्रदर्शन, जनजागरण कार्यक्रम और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
इसके बाद आंदोलन को जिला स्तर तक ले जाया जाएगा। जिला स्तर पर धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
अक्टूबर में मंत्रियों और विधायकों के आवासों पर प्रदर्शन
आंदोलन के तीसरे चरण में अक्टूबर माह के दौरान अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित मंत्रियों एवं विधायकों के आवासों के समक्ष प्रदर्शन किए जाएंगे। इस दौरान उन्हें ज्ञापन सौंपकर सरकार के समक्ष अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाने की मांग की जाएगी।
कुरुक्षेत्र में होगी प्रदेशव्यापी रैली
आंदोलन के चौथे और अंतिम चरण में कुरुक्षेत्र में प्रदेशव्यापी विशाल रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। इसमें विभिन्न सरकारी विभागों के अनुसूचित जाति कर्मचारी संगठनों, सामाजिक संगठनों तथा समाज के विभिन्न वर्गों को साथ जोड़कर सरकार के समक्ष मांगें रखी जाएंगी।
सभी सरकारी विभागों के SC संगठनों को साथ जोड़ेगा HAJRAS
बैठक में निर्णय लिया गया कि आंदोलन को केवल शिक्षा विभाग तक सीमित नहीं रखा जाएगा। प्रदेश के सभी सरकारी विभागों के अनुसूचित जाति कर्मचारी एवं अधिकारी संगठनों तथा सामाजिक कार्यों से जुड़े संगठनों को आंदोलन से जोड़ा जाएगा।
संगठन गांव, कस्बों और शहरों में जनसंवाद के माध्यम से यह मुद्दा भी उठाएगा कि पदोन्नति में आरक्षण, रोस्टर व्यवस्था और बैकलॉग केवल कर्मचारियों से जुड़े विषय नहीं हैं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान प्रतिनिधित्व से जुड़े व्यापक संवैधानिक मुद्दे हैं।
तृतीय श्रेणी की लंबित पदोन्नतियों को लेकर सरकार पर निशाना
राज्य कोषाध्यक्ष राजेश पेटवाड़ ने कहा कि तृतीय श्रेणी की पदोन्नतियों की स्थिति गंभीर है। उनके अनुसार अनुसूचित जाति वर्ग के अनेक कर्मचारी लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं और कई कर्मचारी पदोन्नति का लाभ मिले बिना सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग सहित विभिन्न विभागों में वर्षों से लंबित अनुसूचित जाति बैकलॉग को विशेष पदोन्नति अभियान चलाकर पूरा किया जाना चाहिए। सरकार को तृतीय श्रेणी की पदोन्नति में आरक्षण संबंधी आवश्यक पत्र जारी कर लंबित पदोन्नति सूचियां जारी करनी चाहिए।
रोस्टर रजिस्टर और बैकलॉग का डेटा सार्वजनिक करने की मांग
बैठक में सभी सरकारी विभागों में रोस्टर रजिस्टर के रखरखाव और अनुसूचित जाति वर्ग के बैकलॉग की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
HAJRAS के अनुसार संगठन सूचना के अधिकार (RTI) का भी इस्तेमाल करेगा। इसके माध्यम से विभागों में अनुसूचित जाति वर्ग के स्वीकृत पदों, वर्तमान प्रतिनिधित्व और बैकलॉग के रूप में रिक्त पदों की जानकारी हासिल की जाएगी।
संगठन ने मांग की कि बैकलॉग की विभागवार और संवर्गवार सूची सार्वजनिक की जाए तथा रिक्त आरक्षित पदों को विशेष अभियान चलाकर जल्द भरा जाए।
शिक्षा विभाग में SC प्रतिनिधित्व को लेकर सवाल
राज्य संयोजक दलबीर राठी ने कहा कि शिक्षा विभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के उच्च स्तरीय प्रतिनिधित्व की स्थिति चिंताजनक है। उन्होंने संयुक्त निदेशक, उपनिदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अनुसूचित जाति वर्ग के प्रतिनिधित्व का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में अनुसूचित जाति वर्ग के बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा विभाग के प्रशासनिक ढांचे में भी इस वर्ग का पर्याप्त प्रतिनिधित्व होना आवश्यक है।
सरकार के पास अभी भी आंदोलन रोकने का मौका
HAJRAS नेताओं ने कहा कि संगठन सरकार से टकराव नहीं चाहता, बल्कि संवैधानिक अधिकारों का सम्मान और संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है। यदि सरकार समय रहते प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी की पदोन्नति में आरक्षण, रोस्टर रजिस्टर, बैकलॉग तथा अन्य लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लेती है तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
संगठन ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर केवल आश्वासन देकर मामले को फिर लंबित रखा गया तो 26 अगस्त से शुरू होने वाला चरणबद्ध आंदोलन प्रदेशभर में आगे बढ़ाया जाएगा और अंतिम चरण में कुरुक्षेत्र में प्रदेशव्यापी रैली आयोजित की जाएगी।
राज्य स्तरीय बैठक में उपस्थित पदाधिकारियों ने अनुसूचित जाति वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई को विभागीय सीमाओं से बाहर निकालकर प्रदेशव्यापी सामाजिक आंदोलन का स्वरूप देने का संकल्प लिया।
बैठक में जगदीश लांबा, अमर सिंह, सुरेश रंगा, कुलदीप सिंह, चांद राम, नीरज भुक्कल, सुभाष हालू, विजय सिंह, कुलवंत सिंह, अनिल मेडल, रमेश कुमार, राजेश सिंहमार, जय कृष्ण, ज्ञान चंद, सतपाल माहिवाल, चंद्रमोहन, देवेंद्र नूनवाल, राजबीर पाई सहित विभिन्न जिलों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
जारीकर्ता: हरियाणा अनुसूचित जाति राजकीय अध्यापक संघ (HAJRAS-02861), राज्य कार्यकारिणी।




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