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आबादकार पट्टेदारों को मालिकाना हक देने की मांग को लेकर किसानों का धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

आबादकार पट्टेदारों को मालिकाना हक देने की मांग को लेकर किसानों का धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में किसानों ने उठाई मांगें, सरकार को चेतावनी देते हुए आंदोलन तेज करने का ऐलान

गुहला-चीका, 15 जून। आबादकार पट्टेदार किसानों को जमीनों का मालिकाना हक देने और किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में एसडीएम कार्यालय गुहला के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में सैकड़ों किसानों ने भाग लिया और बाद में अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम गुहला को सौंपा।

धरने की अध्यक्षता जसपाल सिंह और सतनाम सिंह ने की, जबकि संचालन किसान सभा के जिला सह सचिव धर्मपाल भुना ने किया। इस दौरान किसान नेताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों के हितों की रक्षा की मांग उठाई।

किसान विरोधी नीतियों का लगाया आरोप

किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य एवं जिला प्रधान जसबीर सिंह ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार किसान विरोधी नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली विधेयक, बीज विधेयक तथा अमेरिका के साथ कर-मुक्त व्यापार समझौते जैसी नीतियां खेती-किसानी को नुकसान पहुंचाने वाली हैं।

उन्होंने कहा कि हाल ही में आबादकार पट्टेदारों को मालिकाना हक देने के लिए बनाए गए कानून में अधिकांश पात्र किसानों को शामिल नहीं किया गया है। इसके कारण वर्ष 1955 से इन जमीनों पर खेती कर रहे पुराने पट्टेदारों को खुली बोली के माध्यम से बेदखल किए जाने का खतरा पैदा हो गया है।

पट्टों के नवीनीकरण की उठाई मांग

जसबीर सिंह ने मांग की कि खुली बोली करवाने के बजाय लीज राशि में केवल पांच प्रतिशत वृद्धि कर पट्टों का नवीनीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को राहत मिलेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द भी बना रहेगा।

उन्होंने यह भी मांग की कि जिन आबादकार पट्टेदार किसानों ने वर्षों से इन जमीनों पर अपने आवास बना लिए हैं, उन्हें बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मालिकाना हक दिया जाए।

आंदोलन तेज करने की चेतावनी

किसान सभा के जिला सह सचिव धर्मपाल भुना ने चेतावनी दी कि यदि सरकार सभी आबादकार पट्टेदार किसानों को जमीनों का मालिकाना हक नहीं देती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा तथा जल्द ही बड़े स्तर पर संघर्ष की घोषणा की जाएगी।

धरने को किसान यूनियन एकता उगराहां के राज्य प्रधान कंवरजीत सिंह ने भी समर्थन दिया। उन्होंने किसानों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।

कई किसान नेता रहे मौजूद

इस अवसर पर किसान सभा के जिला प्रधान जसबीर सिंह, जिला सह सचिव धर्मपाल भुना, तहसील उपप्रधान जसपाल सिंह, तहसील प्रधान सुजान सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान जीवन आनंद कौशिक, रतनलाल, सुरजीत सिंह, रामपाल, बलबीर सिंह, नवाजा राम, अमृतलाल, पवन कुमार, कुलवंत सिंह, सुरेंद्र सिंह, भगवान दास, सतपाल, जयप्रकाश, कृपाल सिंह सहित अनेक किसान नेता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

किसानों की प्रमुख मांगें

• आबादकार पट्टेदार किसानों को जमीनों का मालिकाना हक दिया जाए।
• खुली बोली की प्रक्रिया बंद कर पट्टों का नवीनीकरण किया जाए।
• लीज राशि में केवल 5 प्रतिशत वृद्धि की जाए।
• वर्षों से आवास बनाकर रह रहे पट्टेदारों को बिना अतिरिक्त शुल्क के मालिकाना अधिकार दिए जाएं।
• किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर सरकार सकारात्मक नीति अपनाए।

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