कैथल। हरियाणा राज्य भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के भीष्म एवं झांसी ओपन ग्रुप कैथल तथा इंडियन स्काउट एंड गाइड फैलोशिप जिला कैथल की ओर से पंतनगर बस्ती स्थित निःशुल्क शिक्षा केंद्र में स्टेशनरी वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को स्टेशनरी और बिस्किट वितरित किए गए। साथ ही, बच्चों को शिक्षा के महत्व, अच्छे संस्कारों और दशहरे पर सत्य की जीत के संदेश से प्रेरित किया गया।
ग्रुप लीडर बख्शीश गिरधर ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम का आयोजन सतत विकास लक्ष्य (SDG) संख्या 4 यानी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। इसका मकसद जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाना था।
शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा धन: संत सार सनेहानंद
कार्यक्रम में श्री अद्वैत स्वरूप आश्रम से आए संतजनों ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। संत सार सनेहानंद जी ने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए कहा कि शिक्षा जीवन का सबसे बड़ा धन है, जिसे कोई चुरा नहीं सकता। शिक्षित बच्चा अपने परिवार को गरीबी के अंधकार से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि किताबें हमारी सच्ची मित्र हैं। बच्चों को मोबाइल फोन के बजाय किताबों से दोस्ती करनी चाहिए और मन लगाकर पढ़ाई करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को गुरुजनों का सम्मान करने तथा जीवन में शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया।
दशहरा सिखाता है सत्य और अच्छाई की जीत: संत शबदशरणानंद
संत शबदशरणानंद जी ने विजयदशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशहरा केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाली प्रेरणा है। यह पर्व संदेश देता है कि रावण कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंत में जीत सत्य और अच्छाई की ही होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने अहंकार रूपी रावण का अंत किया था। इसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर मौजूद आलस, झूठ और बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेना चाहिए। विजयदशमी हमें बुराई छोड़कर अच्छाई के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
2030 तक सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य
इंडियन स्काउट एंड गाइड फैलोशिप की राज्य सचिव विजेता बूरा ने संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की जानकारी देते हुए बताया कि 17 लक्ष्यों में चौथा लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। इसका उद्देश्य वर्ष 2030 तक सभी के लिए समावेशी, समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा गरीबी के चक्र को तोड़ने और सशक्त भारत के निर्माण का प्रभावी माध्यम है। समाज के सभी लोगों को मिलकर प्रयास करना चाहिए कि बस्ती का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
बच्चों को स्टेशनरी और बिस्किट किए वितरित
कार्यक्रम के समापन पर पंतनगर बस्ती के सभी बच्चों को स्टेशनरी और बिस्किट वितरित किए गए। इस पहल के माध्यम से बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने के साथ-साथ समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर इंडियन स्काउट एंड गाइड फैलोशिप की राज्य उपाध्यक्ष सुमन पुनिया, रोवर माणिक, सुभाष, अंकित, युवराज, वैभव, आशु, अभिनव, सुनील तनेजा, विकास चुघ, पूजा गिरधर, सुनीता गिरधर तथा शिक्षा केंद्र की अध्यापिका अंजु पुनिया और प्रमोद रानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने शिक्षा के प्रसार, सामाजिक सहयोग और बच्चों में नैतिक मूल्यों के विकास का संदेश दिया।



