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कैथल में स्कीम वर्करों का प्रदर्शन, दिसंबर में दिल्ली में तीन दिन पड़ाव डालेंगी आशा, आंगनवाड़ी और मिड-डे-मील वर्कर

कैथल, 4 अक्टूबर। आशा वर्कर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और मिड-डे-मील वर्करों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को कैथल की हनुमान वाटिका में सभा कर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की। राष्ट्रीय फेडरेशनों के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कीम वर्करों और सीटू कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

सभा की अध्यक्षता शकुंतला, सुषमा जडौला और धूप सिंह खरकां के संयुक्त अध्यक्ष मंडल ने की, जबकि संचालन सीटू नेता जयप्रकाश शास्त्री ने किया।

स्कीम वर्करों को कर्मचारी का दर्जा देने की मांग

सभा को संबोधित करते हुए सीटू के जिला अध्यक्ष सत्यवान, जिला सचिव नरेश रोहेड़ा तथा नेत्रियों कविता राणा, सुमन नरड़ और रीना भूसला ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा वर्कर और मिड-डे-मील वर्कर स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लंबे समय से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। आशा वर्कर स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने के साथ जच्चा-बच्चा की देखभाल में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। वहीं मिड-डे-मील वर्कर स्कूलों में बच्चों को प्रतिदिन साफ-सुथरा और ताजा भोजन उपलब्ध करवाती हैं।

उचित वेतन और सामाजिक सुरक्षा की मांग

सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद स्कीम वर्करों को उचित वेतन नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कई वर्करों को हरियाणा सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन भी नहीं मिल रहा और जो मानदेय निर्धारित है, उसका भुगतान भी समय पर नहीं होता।

उन्होंने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कम मानदेय में स्कीम वर्करों के लिए अपने परिवारों का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। केंद्र सरकार से पिछले कई वर्षों से इन तीनों स्कीमों की वर्करों के मानदेय में बढ़ोतरी नहीं किए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई।

आंगनवाड़ी परियोजना को विभाग का दर्जा देने की मांग

वक्ताओं ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता दशकों से अपनी सेवाएं दे रही हैं, लेकिन आज भी परियोजना के तहत ही कार्य कर रही हैं। उन्होंने आंगनवाड़ी परियोजना की उपयोगिता को देखते हुए इसे विभाग का दर्जा देने और कार्यकर्ताओं को नियमित कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की।

इसके साथ ही उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई।

दिसंबर में दिल्ली में तीन दिन पड़ाव डालने का ऐलान

सभा के दौरान बताया गया कि देशभर की स्कीम वर्कर और सीटू से जुड़े मजदूर दिसंबर में दिल्ली में तीन दिनों तक पड़ाव डालेंगे। इस दौरान केंद्र सरकार के समक्ष स्कीम वर्करों की मांगों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

वक्ताओं ने कहा कि सरकार को स्वास्थ्य, पोषण और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम करने वाली स्कीम वर्करों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए और उन्हें विभागों में शामिल कर पक्का कर्मचारी का दर्जा देना चाहिए।

सांसद नवीन जिंदल के नाम सौंपा ज्ञापन

सभा के बाद स्कीम वर्करों की ओर से सांसद नवीन जिंदल के नाम एक ज्ञापन उनके कार्यालय प्रभारी अरविंद गोलन को सौंपा गया। कार्यकर्ताओं ने अपील की कि उनकी मांगों और समस्याओं को सांसद के संज्ञान में लाकर केंद्र सरकार तक पहुंचाया जाए, ताकि इनका समाधान करवाने में सांसद अपना योगदान दें।

कार्यक्रम को जनवादी महिला समिति की नेत्रियों रामकली जांगड़ा और सावित्री तथा रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश हरित ने भी संबोधित किया और स्कीम वर्करों के आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में ममता सिरसल, मेनका मूंदड़ी, प्रकाशो कौल, पूनम लोहान, रीना, नीलम, रानी, रामपाल सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

प्रेस नोट जारीकर्ता: शकुंतला एवं नरेश रोहेड़ा, सीटू जिला सचिव।

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