हत्या मामले में दो साल से फरार 5 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार, पहले 7 आरोपी हो चुके हैं काबू
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की कार्रवाई, हत्या और मारपीट के मामलों में वांछित चल रहा था आरोपी निर्मल उर्फ गंजा
कैथल। वर्ष 2024 में चीका क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या के मामले में फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (एसडीयू) ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले करीब दो वर्षों से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।
स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में एसआई पारस की टीम ने गांव टटियाना निवासी निर्मल सिंह उर्फ गंजा को गिरफ्तार किया है। आरोपी हत्या के मामले में वांछित था और उसकी गिरफ्तारी पर हरियाणा पुलिस की ओर से 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुरानी रंजिश बनी हत्या की वजह
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गांव टटियाना निवासी विजय ने शिकायत दी थी कि उसके बड़े भाई अजय वर्ष 2022 में गांव की एक विवाहिता को अपने साथ लेकर चला गया था। इसके बाद से विवाहिता का परिवार उनके परिवार को लगातार धमकियां देता रहा और पुरानी रंजिश बढ़ती गई।
30 मार्च 2024 को विजय के पिता रणधीर सिंह और उनके साथ अन्य लोग अदालत से जमानत की कार्रवाई पूरी कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान माता बनभौरी मंदिर के पास आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से उनका रास्ता रोक लिया।
कार रोककर किया गया हमला
शिकायत के अनुसार आरोपियों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक कार की मदद से रास्ता अवरुद्ध किया। इसके बाद कई आरोपी हथियारों से लैस होकर वाहन से उतरे और रणधीर सिंह सहित अन्य लोगों पर हमला कर दिया।
हमले में रणधीर सिंह को गंभीर चोटें आईं। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। घटना के बाद थाना चीका में हत्या सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं 7 आरोपी
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पहले ही सात आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। निर्मल सिंह उर्फ गंजा भी वारदात में शामिल था और घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था।
पुलिस की लगातार कार्रवाई और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है।
मारपीट मामले में भी था भगोड़ा
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी निर्मल सिंह एक अन्य मामले में भी वांछित था। वर्ष 2023 में गांव बदसुई में अपने साथियों के साथ मिलकर एक युवक पर हमला करने के मामले में भी उसके खिलाफ थाना चीका में मुकदमा दर्ज था।
उस मामले में जमानत मिलने के बाद आरोपी अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते माननीय न्यायालय ने 23 मार्च 2026 को उसे उद्घोषित अपराधी (पीओ) घोषित कर दिया था।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय के आदेशानुसार उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
जिला पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों में शामिल फरार आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और कानून से बचने का प्रयास करने वाले किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।


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