ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 10 जून तक पूरा होगा राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य : डीसी अपराजिता
कैथल, 26 मई: डीसी अपराजिता ने कहा कि हरियाणा सरकार के ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में चल रहे राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस मिशन का उद्देश्य भारत की प्राचीन पांडुलिपियों और ज्ञान परंपरा को सुरक्षित रखना, डिजिटाइज करना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना है।
डीसी सोमवार को लघु सचिवालय स्थित वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रही थीं। इससे पहले हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी उपायुक्तों से राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश जारी किए।
डीसी अपराजिता ने बताया कि इस कार्य के लिए जिला स्तर पर एक कमेटी का गठन किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी एडीसी सुशील कुमार हैं। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत जिले के धार्मिक स्थलों, शैक्षणिक संस्थानों, पुस्तकालयों तथा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आमजन के पास उपलब्ध 75 वर्ष से अधिक पुराने पांडुलिपियों और अभिलेखीय दस्तावेजों की पहचान कर उनका दस्तावेजीकरण एवं डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि यह सभी डेटा ‘ज्ञान भारतम् मिशन’ पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा ताकि जिले की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके। अभी तक कैथल जिले में 387 पांडुलिपियां पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी हैं।
डीसी ने कहा कि इस अभियान के अंतर्गत जिला स्तरीय समिति के साथ-साथ सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करते हुए पांडुलिपियों का भौतिक सत्यापन, मैपिंग और डेटा संग्रहण सुनिश्चित करेंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि “हर घर दस्तक अभियान” के माध्यम से आमजन को इस सर्वेक्षण के प्रति जागरूक किया जाए तथा “अभिलेख दान अभियान” के जरिए लोगों को स्वेच्छा से जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक प्राचीन धरोहरों की पहचान की जा सके।
डीसी अपराजिता ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति के पास कोई पुरानी पांडुलिपि या अभिलेख है, तो उसकी जानकारी प्रशासन को अवश्य दें। नागरिक “ज्ञान भारतम्” ऐप के माध्यम से स्वयं भी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम नहीं है, तो संबंधित ग्राम सचिव के माध्यम से जानकारी उपलब्ध करवाई जा सकती है।
बैठक में एडीसी सुशील कुमार, डॉ. भीम राव अम्बेडकर महाविद्यालय के प्राचार्य मनोज भांभू, डीआईपीआरओ नसीब सिंह सैनी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


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