कैथल, 5 सितंबर। हरियाणा में पत्रकारों की लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर सरकार की ओर से अब कार्रवाई शुरू होने की बात सामने आई है। कांग्रेस विधायक एवं हरियाणा विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रघुबीर कादियान ने विधानसभा में पत्रकारों की मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं को लागू करने की मांग की थी।
कैशलैस चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता पर शुरू हुई प्रक्रिया
पत्रकारों के अनुसार, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने करीब डेढ़ वर्ष पहले हरियाणा यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट के अधिवेशन में पत्रकारों को कैशलैस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की थी। इसके अलावा बजट सत्र के दौरान पीड़ित मीडिया पर्सन्स को दी जाने वाली आर्थिक सहायता को 2.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की घोषणा की गई थी।
इन घोषणाओं का पत्रकार संगठनों ने स्वागत किया था, लेकिन लंबे समय तक इनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। अब डॉ. रघुबीर कादियान द्वारा विधानसभा में इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाए जाने के बाद संबंधित घोषणाओं को लागू करने के लिए कार्रवाई शुरू होने की जानकारी सामने आई है।
बताया जा रहा है कि इसी माह पत्रकारों के लिए कैशलैस चिकित्सा सुविधा तथा पीड़ित मीडिया पर्सन्स को आर्थिक सहायता 2.50 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
पत्रकारों की पेंशन के लंबित मामलों पर भी सरकार का ध्यान
पत्रकारों की पेंशन से जुड़े करीब दो दर्जन से अधिक मामले भी लंबे समय से लंबित बताए जा रहे थे। यह मुद्दा भी डॉ. रघुबीर कादियान द्वारा विधानसभा में प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री की ओर से मामले का संज्ञान लिए जाने की बात कही गई है।
लोक संपर्क विभाग के संबंधित अधिकारी अब पेंशन के लिए आवेदन करने वाले पात्र पत्रकारों की फाइलों की जांच में जुटे हैं। संभावना जताई जा रही है कि पात्र पत्रकारों की पेंशन प्रक्रिया करीब 15 दिनों के भीतर पूरी की जा सकती है।
प्रेस मान्यता प्रदाय समिति के गठन पर भी मंथन
पत्रकारों की एक अन्य महत्वपूर्ण मांग प्रेस मान्यता प्रदाय समिति के गठन से जुड़ी हुई है। जानकारी के अनुसार समिति के गठन को लेकर विचार चल रहा है, हालांकि इसकी फाइल अभी मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित बताई जा रही है।
पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने की मांग
पेंशनधारी पत्रकारों की पेंशन बढ़ाने के मामले में अभी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। पत्रकारों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के कार्यकाल में हरियाणा के पत्रकारों को मिलने वाली पेंशन देश में काफी अधिक थी।
पत्रकार संगठनों के अनुसार वर्तमान में हरियाणा के पत्रकारों की पेंशन उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों की तुलना में करीब 5 हजार रुपये कम है। ऐसे में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मांग की है कि हरियाणा के पत्रकारों की पेंशन में बढ़ोतरी कर इसे देश के अन्य राज्यों की तुलना में सबसे अधिक किया जाए।
पत्रकार संगठनों में उम्मीद
पत्रकारों की लंबित मांगों पर कार्रवाई शुरू होने से पत्रकार संगठनों में उम्मीद जगी है। पत्रकारों का कहना है कि मुख्यमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाना चाहिए, ताकि कैशलैस चिकित्सा सुविधा, आर्थिक सहायता, पेंशन और प्रेस मान्यता जैसी मांगों का लाभ पात्र पत्रकारों को मिल सके।

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