समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही सुशासन की पहचान : डीसी अपराजिता
कैथल। डीसी अपराजिता ने कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समाधान शिविरों का उद्देश्य नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें विभिन्न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें।
डीसी अपराजिता शुक्रवार को लघु सचिवालय में आयोजित समाधान शिविर की समीक्षा बैठक के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने आमजन की समस्याएं भी सुनीं।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक सोमवार और वीरवार को जिला मुख्यालय तथा उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाता है।
डीसी अपराजिता ने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नागरिक सेवाओं को अधिक सरल, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। समाधान शिविर इसी सोच का हिस्सा हैं, जिनके माध्यम से प्रशासन सीधे नागरिकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहा है।
बैठक के दौरान डीसी ने विभिन्न विभागों से संबंधित लंबित शिकायतों की समीक्षा की और अधिकारियों से उनके निस्तारण की वर्तमान स्थिति की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए तथा प्रत्येक मामले का निर्धारित समयावधि में गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीसी अपराजिता ने समाधान शिविरों के अतिरिक्त सीएम विंडो, जनसंवाद पोर्टल, एसएमजीटी तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की और लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नागरिकों की शिकायतों के समाधान में संवेदनशीलता और जवाबदेही बनाए रखें तथा यह सुनिश्चित करें कि लोगों को समय पर राहत मिले।
इस अवसर पर सहायक आयुक्त (अंडर ट्रेनी) शिवानी पांचाल, एडीसी डॉ. सुशील कुमार, सीईओ जिला परिषद सुरेश राविश, एमडी शुगर मिल कृष्ण कुमार, सीटीएम कैप्टन प्रमेश कुमार, डीएसपी बीरभान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





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