पट्टी कायस्थ सेठ में अवैध कॉलोनी पर चला डीटीपी का पीला पंजा, कच्ची सड़कें की गईं ध्वस्त
बिना अनुमति विकसित की जा रही लगभग दो एकड़ की अवैध कॉलोनी पर प्रशासन की कार्रवाई, भू-मालिकों व प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ मामला दर्ज
कैथल। जिला प्रशासन एवं जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) कार्यालय ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्थानीय अर्बन एरिया की राजस्व संपदा पट्टी कायस्थ सेठ में ड्रेन के निकट विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर बुलडोजर कार्रवाई की। लगभग दो एकड़ भूमि पर बिना विभागीय अनुमति के विकसित की जा रही इस कॉलोनी में बनाई गई कच्ची सड़कों को जेसीबी मशीन की सहायता से ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान संबंधित भू-मालिकों एवं प्रॉपर्टी डीलरों के खिलाफ पुलिस में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई जारी रहेगी।
बिना लाइसेंस विकसित की जा रही थी कॉलोनी
जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) प्रवीण कुमार ने बताया कि विभाग को सूचना प्राप्त हुई थी कि संबंधित भूमि पर बिना लाइसेंस और विभागीय अनुमति के अवैध रूप से कॉलोनी विकसित की जा रही है। सूचना मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों द्वारा मौके का निरीक्षण किया गया और शिकायत को सही पाया गया।
नोटिस के बावजूद जारी रहा निर्माण कार्य
डीटीपी प्रवीण कुमार ने बताया कि जांच के बाद भू-मालिकों एवं प्रॉपर्टी डीलरों को हरियाणा विकास एवं शहरी क्षेत्र विनियमन अधिनियम, 1975 की विभिन्न धाराओं के तहत नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस में निर्माण कार्य तुरंत बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बावजूद निर्माण गतिविधियां लगातार जारी रहीं और संबंधित पक्षों द्वारा विभाग से किसी प्रकार की अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई। जिसके चलते विभाग को सख्त कार्रवाई करनी पड़ी।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट की निगरानी में हुई कार्रवाई
डीटीपी कार्यालय की टीम ने वीरवार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट संदीप सोलंकी की निगरानी में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया। इस दौरान अवैध कॉलोनी में बनाई गई कच्ची सड़कों को जेसीबी मशीन की सहायता से तोड़ दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति विकसित की जा रही कॉलोनियों के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अवैध कॉलोनियों से बचने की अपील
जिला नगर योजनाकार कार्यालय ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्लॉट या संपत्ति में निवेश करने से पहले उसकी वैधता और विभागीय स्वीकृति की जांच अवश्य कर लें। बिना अनुमति विकसित कॉलोनियों में निवेश करने से भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।


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