“सच की आवाज़, हर दिन आपके साथ”

Advertisement

पाबला गांव में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, ग्रामीणों को फोर-वे सेग्रीगेशन की दी जानकारी

कैथल, 11 अगस्त। जिला परिषद कैथल की ओर से खंड ढांड की ग्राम पंचायत पाबला में ठोस कचरा प्रबंधन एक्ट-2026 के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला परिषद कैथल के चेयरमैन कर्मबीर कौल ने की। इस दौरान ग्रामीणों को घर-घर से कचरा संग्रहण, कचरे का उचित निस्तारण और चार श्रेणियों में कचरा पृथक्करण (फोर-वे सेग्रीगेशन) के बारे में जानकारी दी गई।

जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश राविश के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में जिला संयोजक प्रदीप कुमार, खंड संयोजक कैथल नरेंद्र सिंह, खंड संयोजक ढांड राजबीर तथा खंड संयोजक पूंडरी मुकेश कुमार ने ग्रामीणों को ठोस कचरा प्रबंधन की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया।

चार रंगों के डस्टबिन में अलग-अलग डालें कचरा

कार्यक्रम में ग्रामीणों को बताया गया कि कचरे को चार श्रेणियों में अलग-अलग करना जरूरी है। इसके लिए अलग-अलग रंग के डस्टबिन निर्धारित किए गए हैं।

  • हरा डस्टबिन: गीला कचरा, जैसे फलों के छिलके और पेड़ों के पत्ते।
  • नीला डस्टबिन: सूखा कचरा, जैसे प्लास्टिक की बोतलें, कांच और गत्ता।
  • लाल डस्टबिन: सैनिटरी कचरा, जैसे बच्चों के डायपर, सैनिटरी पैड और नैपकिन।
  • काला डस्टबिन: विशेष देखभाल वाले कचरे में बैटरी सेल, बल्ब, दवाइयां और ब्लेड आदि।

अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे घर से ही कचरे को अलग-अलग करके निर्धारित डस्टबिन में डालें, ताकि कचरे के संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

बड़े गांवों में स्वच्छता व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

कार्यक्रम में बताया गया कि जिन ग्राम पंचायतों की आबादी 7500 या इससे अधिक है तथा महाग्रामों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली, एक चालक और एक कचरा संग्रहकर्ता रखने की अनुमति दी गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

स्वच्छ गांव के लिए हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी : कर्मबीर कौल

जिला परिषद चेयरमैन कर्मबीर कौल ने कहा कि स्वच्छ गांव बनाने के लिए प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। ग्रामीण अपने घरों के साथ-साथ गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थानों को भी साफ-सुथरा रखें। उन्होंने कहा कि कचरे को इधर-उधर फेंकने की बजाय उसका उचित पृथक्करण और निर्धारित व्यवस्था के अनुसार संग्रहण कराया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत पाबला में सफाई कर्मचारी द्वारा डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य पूर्ण रूप से किया जा रहा है। इस सराहनीय कार्य के लिए चेयरमैन ने सफाई कर्मचारी को 5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया।

पाबला को प्लास्टिक मुक्त करने पर मिलेंगे 15 लाख रुपये

कार्यक्रम में ग्रामीणों को प्लास्टिक मुक्त गांव बनाने के लिए प्रोत्साहन योजना की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि यदि ग्राम पंचायत पाबला को पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त किया जाता है तो जिला परिषद फंड से 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवाने का प्रावधान है।

इसके अलावा भविष्य में जो भी ग्राम पंचायत पूर्ण रूप से प्लास्टिक मुक्त होगी, उसे भी जिला परिषद फंड से 15 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ प्लास्टिक कचरे को कम करना और गांवों को स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाना है।

मुख्य SEO कीवर्ड: कैथल समाचार, पाबला गांव, ठोस कचरा प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन एक्ट 2026, फोर-वे सेग्रीगेशन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, प्लास्टिक मुक्त गांव, जिला परिषद कैथल, कर्मबीर कौल

SEO Meta Title: पाबला गांव में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम | कैथल

SEO Meta Description: कैथल के पाबला गांव में ठोस कचरा प्रबंधन एक्ट-2026 के तहत ग्रामीणों को फोर-वे सेग्रीगेशन, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और प्लास्टिक मुक्त गांव की जानकारी दी गई।

URL Slug: pabla-village-solid-waste-management-awareness-kaithal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *