कर्मचारी सांझा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में रोडवेज कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे। प्रदेश के 24 डिपो और 13 सब-डिपो के करीब 20 हजार कर्मचारी इस आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
नेताओं ने बताया कि हिसार और सिरसा डिपो पिछले दो दिनों से बंद हैं। यदि प्रशासन की ओर से वहां के कर्मचारियों को प्रताड़ित किया गया तो उसी समय प्रदेश के सभी रोडवेज डिपो में चक्का जाम कर दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में 23 अक्टूबर को सभी डिपो महाप्रबंधकों के माध्यम से हरियाणा सरकार को नोटिस दिया गया था। इसके बाद विभिन्न डिपो में गेट मीटिंग आयोजित कर कर्मचारियों को मांगों और हड़ताल के फैसले की जानकारी दी गई।
परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री से बातचीत की मांग
सांझा मोर्चा के नेताओं ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि महानिदेशक की ओर से 3 नवंबर को सांझा मोर्चे के साथ बातचीत के लिए जारी किए गए पत्र के तहत होने वाली बैठक का बहिष्कार किया जाएगा।
कर्मचारी नेताओं की मांग है कि उनकी बातचीत सीधे हरियाणा के परिवहन मंत्री और मुख्यमंत्री के साथ करवाई जाए, ताकि लंबित मांगों पर ठोस निर्णय लिया जा सके।
उन्होंने हरियाणा सरकार से अपील की कि समय रहते कर्मचारियों की मांगों को स्वीकार कर संबंधित अधिसूचनाएं जारी की जाएं और उन्हें धरातल पर लागू करवाया जाए।
हड़ताल से यात्रियों को हो सकती है परेशानी
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते उनकी मांगों को लागू नहीं किया तो 5 और 6 नवंबर की दो दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल के कारण प्रदेश की परिवहन व्यवस्था प्रभावित होगी। इससे आम जनता, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण परिवहन विभाग को होने वाले राजस्व के नुकसान और यात्रियों को होने वाली असुविधा की पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
इस अवसर पर अमित शर्मा, जयभगवान, अमन कुमार, नवीन कुमार, शिव कुमार, अरुण कुमार, गुरमेल, रामनिवास, लखपत राय, सुनील कुमार, राजवीर, संदीप कुमार, कमल सहित बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मचारी मौजूद रहे।

