खेड़ी गुलाम अली स्कूल में एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला आयोजित
कैथल, 20 मई: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खेड़ी गुलाम अली में “आओ गांव चले” थीम के तहत एक दिवसीय स्वास्थ्य जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में डॉ. ममता गर्ग (नेत्र रोग विशेषज्ञ), डॉ. रुचिका सूद (ईएनटी विशेषज्ञ), डॉ. अभिलाषा जैन (एंडोक्राइनोलॉजिस्ट), डॉ. अनुपम (स्त्री रोग विशेषज्ञ) और डॉ. कविता जिंदल (पैथोलॉजिस्ट) उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन हिंदी प्राध्यापक सतबीर सिंह ने किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य हरपाल सिंह ने सभी चिकित्सकों का स्वागत किया।
डॉ. ममता गर्ग ने आंखों की देखभाल, गर्मी और लू से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को मां के महत्व और उनके अनुभवों के बारे में भी प्रेरक विचार साझा किए।
डॉ. रुचिका सूद ने नियमित अध्ययन और लक्ष्य प्राप्ति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा पढ़ने से वर्षभर में कई पुस्तकें पढ़ी जा सकती हैं और निरंतर अभ्यास से सफलता निश्चित है।
डॉ. कविता जिंदल ने मां पर कविता सुनाई और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेने की सलाह दी।
डॉ. अभिलाषा जैन ने बताया कि लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं में खून की कमी पाई जाती है, जिसे संतुलित आहार, हरी सब्जियों और फलों के सेवन से दूर किया जा सकता है। अध्यापक सुरेंद्र ने बच्चों को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां नियमित रूप से लेने की सलाह दी।
डॉ. अनुपम ने एचपीवी वैक्सीनेशन से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करते हुए 14 से 15 वर्ष की लड़कियों को टीकाकरण करवाने की सलाह दी। उन्होंने किशोरियों को माहवारी और उससे जुड़ी आवश्यक स्वास्थ्य जानकारी भी दी।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को रिफ्रेशमेंट वितरित किया गया। “मां” विषय पर आयोजित ड्राइंग प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा बच्चों ने मां पर आधारित कविताएं भी प्रस्तुत कीं।
अंत में प्रधानाचार्य और स्टाफ सदस्यों ने डॉक्टरों की टीम को पौधे भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और पौधों के प्रति जागरूकता का संदेश भी दिया गया। कार्यशाला को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।









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