
कैथल, 3 अगस्त। महिला एवं बाल विकास विभाग तथा आयुष विभाग कैथल के संयुक्त तत्वावधान में जिले के विभिन्न खंडों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और हेल्परों के लिए तीन दिवसीय योग प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया गया। 3 से 5 अगस्त तक चलने वाले इन शिविरों का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों तक योग तथा स्वस्थ जीवनशैली के लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से आयोजित इन शिविरों में आयुष विभाग के प्रशिक्षित योग सहायकों द्वारा गर्भावस्था के दौरान सुरक्षित योगाभ्यास, संतुलित आहार, दिनचर्या और स्वस्थ जीवनशैली की जानकारी दी जा रही है। शिविरों का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी सपना के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इस प्रकार प्रशिक्षित करना है ताकि वे अपने-अपने केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और छोटे बच्चों को योग के प्रति जागरूक कर नियमित अभ्यास के लिए प्रेरित कर सकें।
पांचों खंडों में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण शिविरों में खंड कैथल के हनुमान वाटिका में 220, कलायत के बीडीपीओ कार्यालय में 160, पूंडरी के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 200, ढांड के बीडीपीओ कार्यालय में 96 तथा सीवन के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 180 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
योग सहायकों ने प्रतिभागियों को गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित सूक्ष्म व्यायाम, योगासन तथा प्राणायाम का अभ्यास कराया। साथ ही गर्भावस्था में उचित आहार-विहार, दैनिक दिनचर्या, मानसिक तनाव से बचाव, प्रसव पूर्व एवं प्रसवोत्तर स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की गई। बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में सहायक योगाभ्यासों की भी जानकारी दी गई।
गर्भावस्था में भद्रासन और अनुलोम-विलोम के लाभ
डॉ. शकुंतला दहिया ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए भद्रासन और अनुलोम-विलोम प्राणायाम विशेष रूप से लाभकारी माने जाते हैं। प्रशिक्षित विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में नियमित योगाभ्यास करने से शरीर की लचक बढ़ती है, पीठ दर्द और मानसिक तनाव में कमी आती है, श्वसन प्रणाली मजबूत होती है तथा सामान्य प्रसव की संभावना को सकारात्मक सहयोग मिल सकता है। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के दौरान योग हमेशा प्रशिक्षित विशेषज्ञ की देखरेख में ही करना चाहिए।
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