फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को कॉर्पोरेट कंपनियों के हवाले कर रही है मोदी सरकार : रणदीप सुरजेवाला
कैथल, 16 मई 2026: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने केंद्र सरकार पर फार्मास्यूटिकल क्षेत्र को कॉर्पोरेट कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के हवाले करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इससे छोटे कैमिस्ट और आम मरीज दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
शनिवार को किसान भवन में कैथल कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने रणदीप सुरजेवाला से मुलाकात कर 20 मई 2026 को प्रस्तावित अखिल भारतीय कैमिस्ट बंद के संबंध में ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में अवैध ई-फार्मेसी, बड़ी कंपनियों की भारी छूट नीति और नियंत्रित दवाओं की उपलब्धता से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया।
इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारी प्रदीप शर्मा, प्रदीप सेठ, मुकेश नंबरदार, अतुल गुप्ता, ललित मेहता, राजू गोयल, ललित सेठी, विक्की खेत्रपाल और जोगिंद्र मनचंदा सहित बड़ी संख्या में सदस्य मौजूद रहे।
प्रेस वार्ता में रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि ई-फार्मेसी के माध्यम से बिना प्रिस्क्रिप्शन के एंटीबायोटिक्स, नशे की दवाएं और शेड्यूल H-1 दवाएं बेची जा रही हैं, जिससे जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि नैक्सीटोप्लस और क्लोबा-5 जैसी आवश्यक दवाएं लेने वाले मरीजों को पीजीआईएमआर जैसे बड़े अस्पतालों से बार-बार नई पर्ची बनवाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो मरीजों के साथ अन्याय है।
सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि कॉर्पोरेट कंपनियों की अत्यधिक छूट नीति के कारण ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के छोटे और मध्यम कैमिस्ट कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
उन्होंने कहा कि नकली दवाओं, एंटीबायोटिक्स के दुरुपयोग और शेड्यूल H-1 दवाओं की अनियंत्रित बिक्री से एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस जैसी गंभीर समस्याएं बढ़ रही हैं।
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि इस पूरे मामले को वे प्राथमिकता के आधार पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के समक्ष उठाएंगे, ताकि दवा व्यापारियों और मरीजों की समस्याओं का समाधान हो सके।
हरियाणा स्टेट कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन और कैथल कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने इस मुद्दे पर समर्थन देने के लिए रणदीप सुरजेवाला का आभार व्यक्त किया।


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