कैथल पुरानी मंडी 9,634 MT
भागल मंडी 9,071 MT
कांगथली मंडी 8,134 MT
धनौरी मंडी 4,848 MT
इसके अलावा चीका क्षेत्र में गंगोत्री मार्बल के सामने 28,200 मीट्रिक टन, अदानी एग्रो साइलो में 20,715 मीट्रिक टन, बाबूराम राइस मिल के सामने 3,177 मीट्रिक टन, पलविंद्र पलैटी अतिरिक्त अनाज मंडी में 2,004 मीट्रिक टन और कैथल रोड चीका स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के नजदीक 1,452 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है।
किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील, पर्यावरण और मिट्टी को होता है नुकसान
डीसी अपराजिता ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों (पराली) में आग न लगाएं। पराली जलाने से जहां पर्यावरण प्रदूषित होता है, वहीं मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करके पराली को आय का साधन भी बना सकते हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।
कृषि योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागीय अधिकारियों से करें संपर्क
डीसी ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से किसानों के हित में अनेक योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाया जा रहा है।
यदि किसी किसान को कृषि योजनाओं या पराली प्रबंधन से संबंधित कोई समस्या आती है तो वह कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।
डीसी अपराजिता ने किसानों से प्रशासन का सहयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन अपनाने का आह्वान किया।
