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कैथल में रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने बिजली आंदोलन को दिया समर्थन, निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन

कैथल, 23 अक्टूबर। रिटायर्ड कर्मचारी संघ कैथल ने बिजली कर्मचारी व अधिकारी सांझा मोर्चा के आंदोलन का समर्थन करते हुए बिजली क्षेत्र के निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिटायर्ड कर्मचारियों ने जवाहर पार्क से प्रदर्शन करते हुए विद्युत सदन स्थित सांझा मोर्चा के धरना स्थल पर पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस दौरान कर्मचारियों ने “बिजली का निजीकरण नहीं चलेगा” और “सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाओ” जैसे नारे लगाए।

निजीकरण से आम जनता और किसानों पर पड़ेगा असर: रमेश हरित

सभा को संबोधित करते हुए रिटायर्ड कर्मचारी संघ के जिला प्रधान रमेश हरित और सचिव जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि बिजली कर्मचारी जनता के हितों की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनकी मांग वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी की नहीं, बल्कि बिजली क्षेत्र को निजी कंपनियों के हाथों में जाने से बचाने की है।

उन्होंने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण होने से आम जनता, किसानों और गरीब परिवारों को महंगी बिजली का सामना करना पड़ सकता है। निजी कंपनियों का मुख्य उद्देश्य मुनाफा कमाना होता है, जबकि सरकारी व्यवस्था में जनहित को प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने आशंका जताई कि निजीकरण से बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी और क्रॉस सब्सिडी भी प्रभावित हो सकती है।

संगठन के राज्य उपप्रधान मास्टर गुलाब सिंह ने कहा कि बिजली आज के समय में जीवन की बुनियादी जरूरत है। बिजली क्षेत्र के निजीकरण का असर कृषि और विभिन्न सरकारी विभागों पर भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि हरियाणा के सभी जिलों में रिटायर्ड कर्मचारी बिजली आंदोलन को मजबूत करने के लिए धरना-प्रदर्शनों में भागीदारी करेंगे।

12 दिसंबर की राष्ट्रीय महारैली में शामिल होंगे कैथल के पेंशनर

बिजली आंदोलन से पहले जवाहर पार्क स्थित यूनियन कार्यालय में रमेश हरित की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में वरिष्ठ उपप्रधान जसबीर सिंह, उपप्रधान दिलबाग पोलड़, सहसचिव लछमन शास्त्री तथा जिला कमेटी सदस्य विमल कुमार और रामपाल रत्ती सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में बताया गया कि अखिल भारतीय राज्य पेंशनर्स फेडरेशन के आह्वान पर कैथल जिले से बड़ी संख्या में रिटायर्ड कर्मचारी 12 दिसंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय महारैली में भाग लेंगे। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में संपर्क अभियान चलाने हेतु टीमों का गठन किया गया है।

  • गुहला-चीका: मामूराम सिरोही के नेतृत्व में।
  • सीवन: पूर्ण चंद सैनी और नंदलाल रहेजा के नेतृत्व में।
  • कैथल: सतबीर शर्मा, धूप सिंह सिरोही, रमेश हरित और जयप्रकाश शास्त्री के नेतृत्व में।
  • पूंडरी: रघबीर सिंह करोड़ा और लछमन शास्त्री के नेतृत्व में।
  • राजौंद: ईश्वर सिरोही और रामपाल रत्ती के नेतृत्व में।
  • कलायत: कर्मबीर कौलेखां, सतबीर मोर और हरबंस लाल के नेतृत्व में।

ये टीमें क्षेत्र के रिटायर्ड कर्मचारियों से संपर्क कर उन्हें राष्ट्रीय महारैली में भाग लेने के लिए प्रेरित करेंगी।

आठवें वेतन आयोग में पेंशनरों को शामिल करने की मांग

बैठक में मामूराम सिरोही और सतबीर शर्मा ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों में आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों से पेंशनरों को वंचित किए जाने की आशंका को लेकर रोष है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेंशनरों के बीच एकरूपता समाप्त करने और वर्गीकरण की दिशा में कदम उठा रही है।

उन्होंने मार्च 2025 में पारित वित्त विधेयक के अंतर्गत वैलिडेशन एक्ट को रद्द करने तथा सभी रिटायर्ड कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के दायरे में शामिल करने की मांग उठाई।

कैशलेस मेडिकल सुविधा और एलटीसी पर भी उठाए सवाल

पूर्ण चंद सैनी और मलखान पूंडरी ने पेंशनरों के लिए कैशलेस मेडिकल प्रणाली को लेकर अब तक स्पष्ट जानकारी नहीं दिए जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाली किसी भी मेडिकल व्यवस्था को स्वीकार करने के बजाय पेंशनरों की जरूरतों के अनुरूप समाधान दिया जाना चाहिए। साथ ही, एलटीसी की वर्तमान व्यवस्था को जारी रखने की मांग भी उठाई गई।

एसआईआर में वोटों से जुड़ी विसंगतियों पर जताई चिंता

बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोट काटे जाने और मनमाने तरीके से नाम जोड़े जाने की आशंकाओं पर भी चिंता व्यक्त की गई। उपस्थित सदस्यों ने कहा कि संविधान और लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाताओं को स्वतंत्र एवं पारदर्शी मतदान का अधिकार मिलना जरूरी है।

संघ ने इस मुद्दे पर जारी आंदोलन का समर्थन करते हुए बताया कि एक नवंबर को सिविल सोसायटी और स्वतंत्र संगठनों के आह्वान पर दिल्ली में आयोजित रैली में भी कर्मचारी भाग लेंगे।

बैठक में अनेक कर्मचारी नेताओं ने लिया भाग

बैठक में डॉ. विकास आनंद, मदन लाल तंवर, सत्यवान, रमेश गिल, कृष्ण बिजली, पाल सिंह कौलेखां, सतपाल पटवारी, लखमी क्योड़क, पिरथी सिंह, मांगे राम, ईश्वर चंदाना, चन्द्र शशि, रामफल ढुल और जोगिंद्र सिंह सहित अनेक सदस्यों ने भाग लिया।

रिटायर्ड कर्मचारी संघ ने बिजली निजीकरण के विरोध, पेंशनरों की मांगों और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखने की बात कही।