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कैथल: कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान में बायोमेट्रिक्स और वोटर आईडी अनिवार्य करने के फैसले का सीपीआई (एम) ने किया विरोध

कामरेड प्रेम चंद ने कहा कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की वजह से पहले भी ग्रामीण रोजगार योजनाओं में काम करने वाले मजदूरों को परेशानियों का सामना करना पड़ा है। कई बुजुर्ग महिला मजदूरों की आंखों की आइरिस मशीन में सही तरीके से कैप्चर नहीं हो पाती, जबकि मेहनतकश मजदूरों के घिसे हुए अंगूठे के निशान बायोमेट्रिक सिस्टम से मैच नहीं करते। इसके अलावा ई-केवाईसी के लिए स्मार्टफोन की अनिवार्यता भी ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी समस्या बनती है।
आधार के बाद अब वोटर आईडी को अनिवार्य बनाने पर सवाल
सीपीआई (एम) ने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार पहले सुप्रीम कोर्ट में आधार को अनिवार्य नहीं होने का भरोसा दे चुकी थी, लेकिन बाद में इसे विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में लागू कर दिया गया। अब आधार को विश्वसनीय बताने वाली सरकार खुद इसमें बदलाव कर रही है।
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी जताई चिंता
पार्टी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए इसे मतदान के अधिकारों पर हमला बताया। राज्य कमेटी के अनुसार, इस प्रक्रिया से बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका है और इसका सबसे अधिक प्रभाव हाशिए पर रहने वाले समुदायों, महिलाओं, मुसलमानों तथा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर पड़ सकता है।
सीपीआई (एम) का कहना है कि कल्याणकारी योजनाओं के भुगतान के लिए मतदाता पहचान-पत्र अनिवार्य करने से उन लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में एसआईआर के तहत नाम कटने का हवाला देकर लोगों को राशन और अन्य सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है।
सीपीआई (एम) ने फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की
कामरेड प्रेम चंद ने कहा कि सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक जरूरतमंद नागरिक तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए ऐसी तकनीकी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों की शर्तें नहीं लगाई जानी चाहिए, जिन्हें ग्रामीण गरीब और मजदूर आसानी से पूरा नहीं कर सकते।
सीपीआई (एम) हरियाणा राज्य कमेटी ने केंद्र सरकार से कल्याणकारी भुगतान के लिए बायोमेट्रिक्स और मतदाता पहचान-पत्र की अनिवार्यता से जुड़े फैसले को तत्काल वापस लेने तथा सभी पात्र लोगों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है।