कैथल/हिसार, 2 अक्टूबर। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी CPI(M) की हरियाणा राज्य कमेटी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी और जंतर-मंतर जाने से रोकने के लिए हिसार में DYFI एवं SFI कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा डिटेन किए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।
CPI(M) हरियाणा के राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि छात्र और नौजवान बेहतर शिक्षा एवं रोजगार की मांग के साथ-साथ मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली, SIR और वोट डेटा के डिजिटल केंद्रीकरण के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग का आरोप
प्रेम चंद ने कहा कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस द्वारा जगह-जगह बैरिकेड लगाए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था। उनके अनुसार, SFI, DYFI और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों को रोकने के दौरान कई लोगों को चोटें भी आईं।
CPI(M) के अनुसार, DYFI के महासचिव हिमाग्नराज, सांसद एवं संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ए.ए. रहीम, SFI के महासचिव सृजन भट्टाचार्य, अध्यक्ष आदर्श एस. साजी और JNU छात्र संघ की पूर्व अध्यक्ष आईसी घोष सहित कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
हिसार में DYFI और SFI कार्यकर्ताओं को डिटेन करने का आरोप
CPI(M) ने कहा कि दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जाने वाले DYFI और SFI कार्यकर्ताओं को हिसार में ही पुलिस द्वारा डिटेन किया गया, जिसे पार्टी ने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया।
पार्टी ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं देने, धारा 163 लागू करने, लोगों को एकत्रित होने से रोकने और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई किए जाने की भी आलोचना की।
SIR रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की मांग
प्रेम चंद ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR को रद्द करना और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति शामिल है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जनता में गंभीर सवाल उठ रहे हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता को लेकर चिंता बढ़ रही है।
CPI(M) ने केंद्र सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
CPI(M) हरियाणा ने केंद्र की मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के दिन भी छात्र-युवाओं को प्रदर्शन करने से रोका गया।
प्रेम चंद ने कहा कि छात्र, युवा, आम लोग और प्रबुद्ध नागरिक लोकतंत्र, सामाजिक न्याय, आर्थिक संप्रभुता और संघीय ढांचे की रक्षा के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से चाहे कितनी भी पाबंदियां लगाई जाएं, लोग अपने अधिकारों की लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगे।
CPI(M) हरियाणा ने कहा कि पार्टी केंद्र सरकार की कथित जनविरोधी और तानाशाहीपूर्ण नीतियों का लगातार विरोध करती रहेगी।

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