कैथल, 6 सितंबर 2026। कैथल जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में कैथल पुलिस एक ओर जहां आमजन और विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में आठ माह के दौरान नशे से जुड़े 153 मामले दर्ज कर 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं ग्रामीणों, ग्राम पंचायतों और आमजन के सहयोग से जिले के 254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज हो चुके हैं। इन गांवों में भी पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
8 माह में 153 मामले दर्ज, 235 नशा तस्कर गिरफ्तार
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि वर्ष 2026 के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कैथल पुलिस ने आठ माह में 153 मामले दर्ज किए। इन मामलों में 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और नशीली सामग्री बरामद की है। इनमें 3050 किलो 760 ग्राम डोडा पोस्त, 144 किलो 381 ग्राम चूरा पोस्त, 157 किलो 738 ग्राम गांजा, 16 किलो 51 ग्राम अफीम, 7 किलो 30 ग्राम चरस और 1 किलो 768 ग्राम हेरोइन शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने 15 किलो 130 ग्राम अफीम के पौधे, 7183 नशीली गोलियां, 348 नशीले इंजेक्शन तथा नशीली गोलियों का 3 किलो 206 ग्राम घोल भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार दर्ज किए गए 153 मामलों में 34 मामले कमर्शियल क्वांटिटी के हैं, जिनमें 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज
कैथल पुलिस की नशा विरोधी मुहिम में ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी अहम भूमिका निभा रही है। पुलिस के मुताबिक जिले के 254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज हो चुके हैं।
इन गांवों में नशे की बिक्री और सप्लाई को रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर गांवों में सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है।
नशा तस्करों की 84 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज
कैथल पुलिस और जिला प्रशासन ने नशा तस्करों की अवैध संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। एसपी के अनुसार वर्ष 2026 में जिले के पांच आदतन नशा तस्करों की करीब 84 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज करवाई गई है।
इनमें गांव खरकां निवासी बीरो देवी, उसके पति मालक राम और पुत्र रवि तथा सजुमा रोड कलायत निवासी राजेश और उसके भाई विकास शामिल हैं।
इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन नशा तस्कर गांव खरकां निवासी मालक राम को नियमानुसार जिला जेल में एक वर्ष के लिए डिटेन करवाया गया है।
तीन नशा तस्करों के मकान जेसीबी से ध्वस्त
नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 28 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सिरटा रोड, कैथल में तीन नशा तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए मकानों को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त किया था।
पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाना और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने की आमजन से सहयोग की अपील
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखेगी और नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि कैथल पुलिस का लक्ष्य केवल नशा तस्करों को जेल भेजना नहीं, बल्कि जिले की युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर उनका भविष्य सुरक्षित करना है। इसके लिए पुलिस की ओर से प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान, गांवों में बैठकें और आमजन के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
एसपी ने जिला वासियों से अपील की कि वे नशे की बिक्री या सप्लाई से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने, उनके साथ संवाद बनाए रखने और नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
एसपी ने कहा कि जिला वासियों के सहयोग से ही कैथल को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सकता है।
कैथल को नशा मुक्त बनाने की मुहिम तेज, 8 माह में 235 नशा तस्कर गिरफ्तार
कैथल, 6 सितंबर 2026। कैथल जिले को नशा मुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के नेतृत्व में कैथल पुलिस एक ओर जहां आमजन और विशेषकर युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक कर रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 2026 में आठ माह के दौरान नशे से जुड़े 153 मामले दर्ज कर 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं ग्रामीणों, ग्राम पंचायतों और आमजन के सहयोग से जिले के 254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज हो चुके हैं। इन गांवों में भी पुलिस द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है।
8 माह में 153 मामले दर्ज, 235 नशा तस्कर गिरफ्तार
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने बताया कि वर्ष 2026 के दौरान नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कैथल पुलिस ने आठ माह में 153 मामले दर्ज किए। इन मामलों में 235 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और नशीली सामग्री बरामद की है। इनमें 3050 किलो 760 ग्राम डोडा पोस्त, 144 किलो 381 ग्राम चूरा पोस्त, 157 किलो 738 ग्राम गांजा, 16 किलो 51 ग्राम अफीम, 7 किलो 30 ग्राम चरस और 1 किलो 768 ग्राम हेरोइन शामिल है।
इसके अलावा पुलिस ने 15 किलो 130 ग्राम अफीम के पौधे, 7183 नशीली गोलियां, 348 नशीले इंजेक्शन तथा नशीली गोलियों का 3 किलो 206 ग्राम घोल भी बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार दर्ज किए गए 153 मामलों में 34 मामले कमर्शियल क्वांटिटी के हैं, जिनमें 60 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज
कैथल पुलिस की नशा विरोधी मुहिम में ग्रामीणों और ग्राम पंचायतों की भागीदारी भी अहम भूमिका निभा रही है। पुलिस के मुताबिक जिले के 254 गांव नशा मुक्त श्रेणी में दर्ज हो चुके हैं।
इन गांवों में नशे की बिक्री और सप्लाई को रोकने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। पुलिस का कहना है कि अभियान का उद्देश्य केवल नशा तस्करों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे से दूर रखकर गांवों में सुरक्षित, स्वस्थ और सकारात्मक वातावरण तैयार करना भी है।
नशा तस्करों की 84 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज
कैथल पुलिस और जिला प्रशासन ने नशा तस्करों की अवैध संपत्ति के खिलाफ भी कार्रवाई की है। एसपी के अनुसार वर्ष 2026 में जिले के पांच आदतन नशा तस्करों की करीब 84 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति फ्रीज करवाई गई है।
इनमें गांव खरकां निवासी बीरो देवी, उसके पति मालक राम और पुत्र रवि तथा सजुमा रोड कलायत निवासी राजेश और उसके भाई विकास शामिल हैं।
इसके अलावा पीआईटी एनडीपीएस एक्ट के तहत आदतन नशा तस्कर गांव खरकां निवासी मालक राम को नियमानुसार जिला जेल में एक वर्ष के लिए डिटेन करवाया गया है।
तीन नशा तस्करों के मकान जेसीबी से ध्वस्त
नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई के तहत 28 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने सिरटा रोड, कैथल में तीन नशा तस्करों द्वारा अवैध रूप से बनाए गए मकानों को जेसीबी की सहायता से ध्वस्त किया था।
पुलिस और प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर प्रभावी अंकुश लगाना और अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करना है।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने की आमजन से सहयोग की अपील
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखेगी और नशे का कारोबार करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने कहा कि कैथल पुलिस का लक्ष्य केवल नशा तस्करों को जेल भेजना नहीं, बल्कि जिले की युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर उनका भविष्य सुरक्षित करना है। इसके लिए पुलिस की ओर से प्रवर्तन कार्रवाई के साथ-साथ जागरूकता अभियान, गांवों में बैठकें और आमजन के सहयोग से नशा मुक्ति अभियान चलाया जा रहा है।
एसपी ने जिला वासियों से अपील की कि वे नशे की बिक्री या सप्लाई से जुड़ी किसी भी जानकारी की सूचना पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने, उनके साथ संवाद बनाए रखने और नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक नुकसान के बारे में जागरूक करने का आह्वान किया।
एसपी ने कहा कि जिला वासियों के सहयोग से ही कैथल को पूरी तरह नशा मुक्त बनाया जा सकता है।

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