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कैथल: नाबालिग बच्चों की पैतृक जमीन हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार

कैथल, 2 सितंबर। कलायत क्षेत्र के गांव चौसाला में नाबालिग बच्चों की पैतृक जमीन हड़पने के उद्देश्य से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि का हस्तांतरण और विक्रय कराने के मामले में थाना कलायत पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव चौसाला निवासी सोनू और गांव मटौर निवासी मंदीप के रूप में हुई है।

मामले की जांच थाना कलायत पुलिस प्रभारी पीएसआई अमन की अगुवाई में एएसआई सुभाष सिंह की टीम द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी सोनू ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के लिए आरोपी मंदीप की मदद ली थी।

नाबालिग बच्चों के नाम दर्ज थी पैतृक जमीन

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार गांव चौसाला निवासी पवन ने शिकायत दी थी कि उसके भाई सतीश कुमार की 1 अक्टूबर 2022 को मृत्यु हो गई थी। उनकी मृत्यु के बाद पैतृक जमीन उत्तराधिकार के तहत उनकी पत्नी पुष्पा तथा दोनों नाबालिग पुत्रों आदित्य और तेजेन्द्रपाल के नाम दर्ज हुई थी।

शिकायत के अनुसार दोनों बच्चे अभी नाबालिग हैं। आरोप है कि पुष्पा ने अन्य आरोपियों नरेश उर्फ सोनू, भूपेंद्र नंबरदार, गौरव शर्मा वकील तथा अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर नाबालिग बच्चों के कथित तौर पर फर्जी आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र तैयार करवाए।

फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया भूमि का हस्तांतरण

पुलिस के मुताबिक इन दस्तावेजों के आधार पर पारिवारिक हस्तांतरण संबंधी वसीका पंजीकृत करवाया गया और राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल भी मंजूर करवा लिया गया। इसके बाद उक्त जमीन को एक अन्य व्यक्ति के पक्ष में करीब 46.96 लाख रुपये में बेच दिया गया।

पुलिस ने बताया कि शिकायत में पूरी प्रक्रिया को सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम देने का आरोप लगाया गया है। आरोप है कि नाबालिग बच्चों के हितों की अनदेखी करते हुए कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन का हस्तांतरण और विक्रय कराया गया।

थाना कलायत में दर्ज हुआ मामला

शिकायत के आधार पर थाना कलायत में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सोनू और मंदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी सोनू ने फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के लिए मंदीप से संपर्क किया था।

दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस द्वारा आरोपियों से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

नोट: मामले में लगाए गए आरोप पुलिस शिकायत और जांच पर आधारित हैं। प्रकरण में अंतिम सत्यता न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही निर्धारित होगी।

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