कैथल, 30 अगस्त। विदेश भेजने और ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाने के नाम पर 15 लाख 69 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में कैथल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। एंटी इमिग्रेशन सैल ने जांच के बाद मामले में आरोपी आकाश गुप्ता निवासी जीरकपुर, जिला मोहाली (पंजाब) को गिरफ्तार किया है। आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद उसका दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

ऑस्ट्रेलिया भेजने का झांसा देकर 17 लाख में तय हुआ था सौदा
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार सुभाष नगर, कैथल निवासी परमजीत ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसका बेटा हर्षित कैथल के एक निजी विश्वविद्यालय में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था और आगे की पढ़ाई के लिए ऑस्ट्रेलिया जाना चाहता था। इसी दौरान 27 मार्च को आकाश गुप्ता ने हर्षित को फोन किया। आरोपी ने बताया कि उसने इंटरनेट पर उसका रिज्यूम देखा है और वह युवाओं को विदेश भेजने का काम करता है।
आरोपी ने हर्षित को ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में दाखिला करवाने और विदेश भेजने का भरोसा दिलाया। इसके बाद करीब 17 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। शुरुआत में चार लाख रुपये की मांग की गई। हर्षित ने ऑनलाइन माध्यम से आरोपी को एक लाख रुपये भेजे, जबकि 3.20 लाख रुपये जीरकपुर में आरोपी की पत्नी को नकद दिए गए।
ऑस्ट्रेलिया की जगह भेज दिया बैंकाक
शिकायत के अनुसार इसके बाद हर्षित को दिल्ली जाने के लिए कहा गया। 28 मार्च को आरोपियों ने उसे दिल्ली के मायापुरी स्थित एक होटल के बाहर छोड़ दिया। बाद में फ्लाइट में देरी का हवाला देते हुए 30 मार्च की टिकट भेजी गई।
जब हर्षित ने यात्रा की तो पता चला कि टिकट ऑस्ट्रेलिया की नहीं बल्कि थाईलैंड की थी। आरोपियों ने उसे बैंकाक भेज दिया। बैंकाक पहुंचने के बाद उससे वीजा, कॉलेज फीस और बीमा आदि के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम मांगी गई।
अलग-अलग किस्तों में भेजे लाखों रुपये
शिकायत के मुताबिक हर्षित की ओर से आरोपियों को विभिन्न खातों में रकम भेजी गई। एक अप्रैल को 12 हजार रुपये, दो अप्रैल को दो अलग-अलग खातों में 50-50 हजार रुपये, तीन अप्रैल को 45 हजार और 50 हजार रुपये तथा चार अप्रैल को 1.43 लाख रुपये भेजे गए।
इसके बाद 7 अप्रैल को हर्षित वापस भारत आ गया। जून में फिर उसे इंटेक में भेजने की बात कहकर रकम मांगी गई।
तीन लाख रुपये नकद लेने का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार 15 जून को आकाश गुप्ता ने हर्षित को जीरकपुर बुलाया और उसे दिल्ली एयरपोर्ट छोड़ने की बात कही। आरोप है कि तीन लाख रुपये बकाया बताते हुए कैथल के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित उसकी दुकान से नकद रकम ली गई।
इसके बाद हर्षित को दोबारा बैंकाक भेजे जाने की बात सामने आई। कुछ समय बाद उसके नाम का बीमा, बैंकाक से मेलबर्न की टिकट और ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी से संबंधित दस्तावेज भी भेजे गए। हालांकि 30 मई की टिकट पर यात्रा नहीं हो सकी। इसके बाद 16 जून को हर्षित की वियतनाम की टिकट करवाई गई।
लगातार बदलती यात्राओं और दस्तावेजों के चलते परिजनों को आरोपियों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने विदेश भेजने के नाम पर उससे कुल 15 लाख 69 हजार रुपये हड़प लिए।
एंटी इमिग्रेशन सैल ने जांच के बाद आरोपी दबोचा
मामले में थाना सिविल लाइन कैथल में केस दर्ज किया गया था। इसके बाद एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के आदेशानुसार विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मामले की जांच एंटी इमिग्रेशन सैल प्रभारी पीएसआई शुभ्राशु की अगुवाई में एएसआई रणधीर सिंह की टीम ने की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी आकाश गुप्ता निवासी जीरकपुर, जिला मोहाली को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपी से मामले में आगे पूछताछ की जा रही है।

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