डंपिंग यार्ड के विरोध में ग्रामीणों का धरना सातवें दिन भी जारी, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रशासन पर अनदेखी का आरोप, समाधान नहीं होने पर शहर की सड़कों पर कूड़ा डालने की चेतावनी
कैथल। खुराना रोड स्थित डंपिंग यार्ड के विरोध में किसानों और ग्रामीणों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। धरनारत ग्रामीणों ने प्रशासन पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया तो वे डंपिंग यार्ड से निकलने वाले कूड़े को ट्रैक्टर-ट्रालियों में भरकर शहर की सड़कों पर डालने को मजबूर होंगे।
ग्रामीणों ने बताया कि 12 जून से लगातार डंपिंग यार्ड के खिलाफ आंदोलन चलाया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई है। इससे क्षेत्र के लोगों में रोष लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आरोप
धरने में शामिल कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला, सेक्टर-21, वार्ड-5, खुराना, कुलतारण, पट्टी अफगान, जगदीशपुरा, डोहर तथा आसपास के गांवों के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डंपिंग यार्ड के कारण क्षेत्र में प्रदूषण फैल रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि डंपिंग यार्ड का संचालन नियमों के अनुरूप नहीं किया जा रहा और इससे आसपास रहने वाले लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनओसी नहीं होने का लगाया आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डंपिंग यार्ड संचालकों के पास प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जल विभाग और संबंधित ग्राम पंचायतों की आवश्यक एनओसी तक उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद प्रशासन इस डंपिंग यार्ड को संचालित कराने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि डंपिंग यार्ड निर्धारित पर्यावरणीय और कानूनी मानकों के विपरीत स्थापित किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डंपिंग यार्ड को स्थानांतरित करने की मांग
धरनारत किसानों और ग्रामीणों ने मांग की कि डंपिंग यार्ड को ऐसी जगह स्थानांतरित किया जाए जहां सभी कानूनी और पर्यावरणीय मानकों का पालन संभव हो।
ग्रामीणों ने बताया कि डंपिंग यार्ड कुलतारण गांव से मात्र 10 फुट की दूरी पर स्थित है, जबकि कालू वाली गामड़ी और सेक्टर-21 से इसकी दूरी लगभग 300 मीटर है, जो उनके अनुसार निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं है।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जहां से कूड़ा लाया जा रहा है, आवश्यकता पड़ने पर वहीं वापस पहुंचाया जाएगा और शहर की सड़कों पर कूड़ा डालकर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
धरने में गुरदीप ढांडा (कुलतारण), सतपाल ढांडा, इंद्र, संजय कुलतारण, कुलदीप, अमित यादव, ऋषिपाल यादव, बलजीत यादव, कर्मबीर मलिक, इंद्र मलिक नंबरदार, प्रवीण (बीनू), दयाल सिंह मलिक नंबरदार, ईश्वर मलिक सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।


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