करनाल रेंज में सड़क दुर्घटना जांच के लिए डिजिटल पोर्टलों पर प्रशिक्षण, कैथल के 20 अधिकारी हुए शामिल
आईजी अशोक कुमार ने दिए दिशा-निर्देश, सड़क दुर्घटना अनुसंधान को तकनीक आधारित बनाने पर जोर
करनाल/कैथल। सड़क दुर्घटनाओं के प्रभावी अनुसंधान, पीड़ितों को त्वरित सहायता उपलब्ध करवाने तथा डिजिटल प्रक्रियाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को करनाल मंडल स्तर पर डिजिटल पोर्टल संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) करनाल मंडल अशोक कुमार के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में उनके कार्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में करनाल मंडल के विभिन्न जिलों के नोडल और अनुसंधान अधिकारियों ने भाग लिया। जिला कैथल से डीएसपी रोहताश कुमार सहित 20 अनुसंधान अधिकारी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
डिजिटल पोर्टलों की कार्यप्रणाली की दी जानकारी
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार कार्यक्रम में राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) की जिला संसाधन प्रबंधक स्वाती गुप्ता ने सड़क दुर्घटना संबंधी एकीकृत डाटाबेस तथा इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना प्रतिवेदन (eDAR) पोर्टल की कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा विकसित ये डिजिटल मंच सड़क दुर्घटनाओं के वैज्ञानिक विश्लेषण, सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने तथा दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र सहायता एवं मुआवजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
दुर्घटना स्थल की जानकारी होगी ऑनलाइन दर्ज
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को बताया गया कि दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस द्वारा घटनास्थल के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। इसके आधार पर दुर्घटना का एक विशिष्ट पहचान क्रमांक तैयार होता है।
इस प्रक्रिया से दुर्घटना से संबंधित सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है और पीड़ितों को समयबद्ध सहायता उपलब्ध करवाना आसान हो जाता है।
अधिकारियों की शंकाओं का किया समाधान
कार्यक्रम के दौरान पोर्टल के तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उनकी जिज्ञासाओं और शंकाओं का समाधान भी किया गया ताकि भविष्य में सड़क दुर्घटना मामलों की जांच के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न आए।
राहवीर योजना की भी दी गई जानकारी
प्रशिक्षण का उद्देश्य अनुसंधान अधिकारियों को डिजिटल प्रणाली की व्यापक जानकारी देना था, ताकि दुर्घटना पीड़ितों को शीघ्र चिकित्सा सहायता उपलब्ध करवाई जा सके और दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान की जा सके।
इसके साथ ही दुर्घटना पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार नागरिकों को सरकार की राहवीर योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दिलाने की प्रक्रिया की भी जानकारी दी गई।
सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रतिबद्ध
कार्यक्रम में आईजी अशोक कुमार ने अधिकारियों को सड़क दुर्घटना मामलों की जांच में तकनीक का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए।
जिला कैथल पुलिस ने कहा कि सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने तथा सड़क दुर्घटना अनुसंधान को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।


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