डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान, किसी खाते में पैसा ट्रांसफर न करें: एसपी मनप्रीत सिंह सूदन
कैथल, 19 मई: साइबर ठग इन्वेस्टिगेशन एजेंसियों के नाम पर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी कॉल या वीडियो कॉल से न घबराएं और किसी अनजान खाते में पैसा ट्रांसफर न करें।
एसपी ने बताया कि ठग खुद को सीबीआई, एनसीबी, एनआईए या अन्य जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर कॉल करते हैं और दावा करते हैं कि आपके आधार या पैन कार्ड का इस्तेमाल कर अवैध पार्सल भेजा गया है। इसके बाद वे कोर्ट फीस, जमानत या केस से नाम हटाने के नाम पर पैसे की मांग करते हैं।
कई मामलों में वीडियो कॉल के जरिए फर्जी नोटिस भेजकर व्यक्ति को कमरे में बंद रहने और किसी से संपर्क न करने के लिए कहा जाता है। फिर डर और दबाव बनाकर बैंक खातों, निवेश और निजी जानकारी हासिल कर ली जाती है और जांच के नाम पर पैसे सरकारी खाते में जमा करवाए जाते हैं।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने स्पष्ट किया कि भारतीय कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। कोई भी सरकारी एजेंसी किसी नागरिक को फोन पर डराकर धनराशि ट्रांसफर करने के लिए नहीं कहती।
उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, व्हाट्सएप वीडियो कॉल या टेलीग्राम कॉल से सावधान रहें। अपनी बैंकिंग, आधार या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है, तो इसकी तुरंत शिकायत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में करें।


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