“सच की आवाज़, हर दिन आपके साथ”

Advertisement

नशे के खिलाफ 36 बिरादरी ने संभाला मोर्चा, युवाओं को जागरूक करने का लिया संकल्प

कैथल। नशे के खिलाफ चल रही मुहिम को मजबूत करने के लिए सर्व समाज और युवा साथियों ने एकजुट होकर लोगों को जागरूक करने का बीड़ा उठाया। कार्यक्रम में सामाजिक लोगों ने युवाओं को नशे से दूर रखने के साथ-साथ अभिभावकों से भी अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने की अपील की।

खाप प्रधान जय भगवान रूहल ने 36 बिरादरी के सामाजिक लोगों से अपील करते हुए कहा कि नशे की रोकथाम समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को स्कूटर या मोटरसाइकिल नहीं देनी चाहिए। अभिभावकों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे वाहन का गलत इस्तेमाल न करें और अनावश्यक रूप से शहर में घूमने से बचें।

कॉलेज या कोचिंग सेंटर के नाम पर घर से निकलने वाले बच्चों पर रखें नजर

सामाजिक कार्यकर्ता रणधीर बालू ने कहा कि कई बच्चे अपने माता-पिता से कॉलेज या कोचिंग सेंटर जाने की बात कहकर घर से निकलते हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि कुछ बच्चे पार्कों और शहर के अन्य स्थानों पर आवारागर्दी करते रहते हैं। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के साथ संवाद बनाए रखना चाहिए और उनकी दिनचर्या की जानकारी रखनी चाहिए।

नशा युवाओं के लिए बन रहा गंभीर खतरा

कार्यक्रम में एसएचओ रमेश चंद्र और डीएसपी सुशील प्रकाश ने भी युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आज का युवा नशे की ओर तेजी से आकर्षित हो रहा है। सुल्फा, चिट्टा और स्मैक जैसे नशीले पदार्थ बेहद खतरनाक हैं और इनकी लत युवाओं का भविष्य बर्बाद कर सकती है।

उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आकर कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं। कुछ युवा नशीले पदार्थों का सेवन इंजेक्शन के माध्यम से करते हैं, जो बेहद घातक है। इसलिए युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार, समाज और पुलिस प्रशासन को मिलकर काम करना होगा।

हेलमेट पहनने की भी अपील

एसएचओ रमेश चंद्र ने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करने और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने 36 बिरादरी के सामाजिक लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि युवाओं को जागरूक करने का जो बीड़ा समाज ने उठाया है, उसमें पुलिस प्रशासन हर समय उनके साथ है।

सामाजिक प्रतिनिधियों ने रखे विचार

कार्यक्रम के दौरान केदार वाल्मीकि, सुगन शर्मा, रोशन जांगड़ा, सैनी समाज के फिरती प्रधान और बलजीत लोहार सहित अन्य सामाजिक लोगों ने भी अपने विचार रखे। सभी ने नशे के खिलाफ समाज को एकजुट होकर काम करने और युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने का संकल्प लिया।

नशा मुक्त समाज के लिए युवाओं की भागीदारी के साथ-साथ अभिभावकों और सामाजिक संगठनों की सक्रिय भूमिका को भी जरूरी बताया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *