16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा दस्त रोको अभियान, जिला स्तरीय टास्क फोर्स बैठक में दिए गए आवश्यक निर्देश
कैथल, 15 जून। नगराधीश कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि जिले में आगामी 28 जून से 30 जून तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त 16 जून से 31 जुलाई तक दस्त रोको अभियान भी संचालित किया जाएगा। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को इन अभियानों को गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ सफल बनाने के निर्देश दिए।
नगराधीश सोमवार को अपने कार्यालय में टीकाकरण विषय पर आयोजित जिला स्तरीय टास्क फोर्स कमेटी की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को अभियान से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एक लाख से अधिक बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा
बैठक में बताया गया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत 28 जून को बूथ गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जबकि 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी।
जिला कैथल में इस अभियान के लिए 619 बूथ स्थापित किए जाएंगे, जहां 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 1,01,283 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहेंगी विशेष टीमें
अति संवेदनशील क्षेत्रों जैसे झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों, निर्माणाधीन भवनों और अन्य स्थानों पर बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 60 मोबाइल टीमों का गठन किया गया है।
इसके अलावा बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 30 विशेष टीमें तैनात की जाएंगी।
पड़ोसी देशों से बना हुआ है खतरा
नगराधीश कैप्टन प्रमेश सिंह ने कहा कि भारत को वर्ष 2014 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों पाकिस्तान और अफगानिस्तान में अभी भी पोलियो वायरस के मामले सामने आते हैं। ऐसे में सतर्कता और नियमित टीकाकरण बेहद जरूरी है।
उन्होंने सभी विभागों से अभियान को सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
16 जून से 31 जुलाई तक चलेगा दस्त रोको अभियान
सिविल सर्जन डॉ. रेणू चावला ने बताया कि डायरिया से होने वाली शिशु मृत्यु दर को कम करने के उद्देश्य से जिले में 16 जून से 31 जुलाई तक दस्त रोको अभियान चलाया जाएगा।
इस दौरान आशा वर्कर और एएनएम घर-घर जाकर 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के परिवारों को ओआरएस के पैकेट वितरित करेंगी तथा उनके उपयोग की जानकारी देंगी। डायरिया के लक्षण पाए जाने पर बच्चों को जिंक की गोलियां भी उपलब्ध करवाई जाएंगी।
स्वास्थ्य जागरूकता पर रहेगा विशेष जोर
डॉ. रेणू चावला ने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को हाथ धोने की सही विधि और स्वच्छता के महत्व के बारे में भी जागरूक करेंगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ शहरी निकाय, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंचायत विभाग, बिजली निगम, रेडक्रॉस और खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

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