नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए विभिन्न विभागों द्वारा चलाए जाएंगे जागरूकता कार्यक्रम, डीसी अपराजिता ने दिए आवश्यक निर्देश
कैथल। उपायुक्त अपराजिता ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में 17 जून से 26 जून 2026 तक नशा मुक्त भारत सप्ताह मनाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं एवं महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में जन भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें ताकि कैथल जिले को नशा मुक्त बनाने के लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी विभाग अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी गंभीरता के साथ करें।
स्वास्थ्य विभाग चलाएगा विशेष जागरूकता कार्यक्रम
डीसी अपराजिता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में मनोचिकित्सकों के माध्यम से नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में लोगों को नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
जनसंपर्क विभाग करेगा व्यापक प्रचार-प्रसार
सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग को अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। विभाग समाचार पत्रों, सोशल मीडिया तथा अन्य संचार माध्यमों के जरिए लोगों को नशा मुक्त भारत सप्ताह के उद्देश्यों और गतिविधियों से अवगत करवाएगा।
गांवों में दिलाई जाएगी नशा मुक्ति की शपथ
विकास एवं पंचायत विभाग सरपंचों और ग्राम सचिवों के माध्यम से गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेगा। इसके साथ ही ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई जाएगी ताकि गांव स्तर पर नशे के खिलाफ जन आंदोलन को मजबूती मिल सके।
घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेंगी आंगनबाड़ी और आशा वर्कर
महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा आशा वर्कर घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करेंगी। अभियान के दौरान महिलाओं और परिवारों को विशेष रूप से नशा मुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
स्कूलों और कॉलेजों में होंगी विभिन्न प्रतियोगिताएं
उपायुक्त ने शिक्षा विभाग, उच्च शिक्षण संस्थानों और विद्यालयों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए सेमिनार, वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, स्लोगन लेखन, पोस्टर मेकिंग, रंगोली प्रतियोगिता और जागरूकता रैलियों का आयोजन किया जाए।
इन गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया जाएगा तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
नशा मुक्ति मित्र पोर्टल पर पंजीकरण के लिए किया जाएगा प्रेरित
डीसी अपराजिता ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे अपने कर्मचारियों तथा आमजन को नशा मुक्ति मित्र पोर्टल पर स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण करने और ऑनलाइन ई-शपथ लेने के लिए प्रेरित करें।
उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत सप्ताह केवल एक अभियान नहीं बल्कि समाज को नशे की बुराई से मुक्त करने का एक जन आंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।

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