15 जून से पहले धान की रोपाई करने पर लगेगा जुर्माना : उपनिदेशक डॉ. रविंद्र
कैथल, 26 मई: कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. रविंद्र ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि 15 जून से पहले धान की रोपाई न करें। उन्होंने बताया कि अगेती अथवा साठी धान की रोपाई पर सरकार द्वारा भू-जल के अत्यधिक दोहन को रोकने के उद्देश्य से प्रतिबंध लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि दी हरियाणा प्रीजर्वेशन ऑफ सब-सॉयल वॉटर एक्ट 2009 के तहत कोई भी किसान 15 जून से पहले धान की सीधी रोपाई नहीं कर सकता। यदि कोई किसान नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जा सकता है।
डॉ. रविंद्र ने बताया कि पिछले वर्ष अगेती धान की बिजाई करने वाले किसानों की फसलों में कई प्रकार की बीमारियां देखने को मिली थीं, जिनमें बौनापन रोग की समस्या प्रमुख रही। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पारंपरिक रोपाई की बजाय धान की सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक को अपनाएं। इससे भू-जल संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी और फसल में बीमारियों का खतरा भी कम रहेगा।
उपनिदेशक ने बताया कि विभाग द्वारा फील्ड स्टाफ को अगेती धान की रोपाई रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यदि कोई किसान 15 जून से पहले धान की रोपाई करता पाया गया तो संबंधित खेत की जोताई कर फसल नष्ट की जा सकती है या भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
उन्होंने किसानों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। “जल है तो कल है” के संदेश को अपनाते हुए सभी किसान पानी बचाने में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।



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