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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, कैथल के 95,797 किसानों के खातों में पहुंचे 19.16 करोड़ रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी, कैथल के 95,797 किसानों के खातों में पहुंचे 19.16 करोड़ रुपये

कृषि विज्ञान केंद्र में आयोजित किसान सम्मान समारोह में किसानों ने देखा प्रधानमंत्री का लाइव संबोधन

कैथल। कृषि विज्ञान केंद्र कैथल में किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त जारी होने के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया गया। समारोह में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लिया और योजना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।

जिला स्तरीय कार्यक्रम में चीनी मिल कैथल के प्रबंध निदेशक कृष्ण कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

देशभर के किसानों को मिली 18,880 करोड़ रुपये की सौगात

कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी गई कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत देशभर के 9.44 करोड़ किसानों के खातों में लगभग 18,880 करोड़ रुपये की राशि सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से हस्तांतरित की गई है।

वहीं कैथल जिले के 95,797 किसानों को 23वीं किस्त के रूप में 19.16 करोड़ रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।

किसानों को दी गई आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी

कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. रमेश चंद्र वर्मा ने खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरकों के उपयोग, धान की सीधी बिजाई तथा प्राकृतिक खेती के लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने किसानों को कृषि लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक खेती पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी।

किसानों के खातों में पहुंचे 483.80 करोड़ रुपये

उप कृषि निदेशक डॉ. रविंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत 24 फरवरी 2019 को की गई थी। योजना लागू होने के बाद से अब तक कैथल जिले के किसानों के खातों में कुल 483.80 करोड़ रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जा चुके हैं।

फसल बीमा योजना से किसानों को मिला लाभ

डॉ. हुड्डा ने बताया कि वर्ष 2016 से लागू प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जिले के 1,10,337 किसानों को अब तक 124 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रदान किया जा चुका है।

उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और फसल नुकसान की स्थिति में यह योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच का कार्य कर रही है।

पराली जलाने के मामलों में आई भारी कमी

फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत वर्ष 2014 से अब तक 13,500 कृषि यंत्रों पर 485 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया है।

उन्होंने बताया कि योजना के सकारात्मक परिणामस्वरूप पराली जलाने की घटनाएं वर्ष 2019 के 1,258 मामलों से घटकर वर्ष 2025 में मात्र 72 रह गई हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड से मिल रहा लाभ

डॉ. हुड्डा ने बताया कि मृदा स्वास्थ्य योजना के तहत जिले में अब तक 5 लाख 52 हजार 882 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं। इससे किसान मृदा परीक्षण के आधार पर उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर रहे हैं और खेती की लागत में कमी ला रहे हैं।

प्राकृतिक खेती और वैकल्पिक फसलों पर विशेष जोर

उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान करते हुए बताया कि सरकार देशी गाय खरीदने पर 30 हजार रुपये तक का अनुदान प्रदान कर रही है।

इसके अलावा धान की सीधी बिजाई करने वाले किसानों को 4,500 रुपये प्रति एकड़ तथा “मेरा पानी-मेरी विरासत” योजना के तहत धान के स्थान पर कम पानी वाली फसलें उगाने या खेत खाली छोड़ने पर 8,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

कपास, तिलहनी एवं दलहनी फसलें उगाने वाले किसानों को 2,000 रुपये प्रति एकड़ अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।

एग्रीस्टैक आईडी बनवाने की अपील

डॉ. रविंद्र सिंह हुड्डा ने किसानों से एग्रीस्टैक आईडी बनवाने का आग्रह किया ताकि भविष्य में विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें आसानी से प्राप्त हो सके।

इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी डॉ. हीरा लाल, सहायक पौधा संरक्षण अधिकारी डॉ. जसवीर सिंह, डॉ. प्रशांत, डॉ. दीपक, कृषि विभाग के अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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