“सच की आवाज़, हर दिन आपके साथ”

Advertisement

सीपीआईएम हरियाणा ने अमेरिकी प्रतिबंध कानून का किया विरोध, भारत की संप्रभुता की रक्षा की मांग


कैथल, 22 सितंबर 2026। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआईएम हरियाणा राज्य कमेटी ने रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर प्रस्तावित अमेरिकी प्रतिबंध कानून की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने भारत की संप्रभुता और स्वतंत्र विदेश एवं आर्थिक नीति की रक्षा करने की मांग की है।
सीपीआईएम हरियाणा के राज्य सचिव कामरेड प्रेम चंद ने जारी प्रेस बयान में कहा कि नए अमेरिकी प्रतिबंध कानून के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने के व्यापक अधिकार दिए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इस तरह के प्रावधानों के जरिए अमेरिका दूसरे देशों की व्यापार, विदेश और आर्थिक नीतियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है।
प्रेम चंद ने कहा कि किसी देश से तेल खरीदना या अपनी आर्थिक नीति निर्धारित करना संबंधित देश का संप्रभु अधिकार है। उन्होंने कहा कि व्यापार को दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल करना दूसरे देशों की संप्रभुता और स्वतंत्र निर्णय लेने के अधिकार में हस्तक्षेप है।
रूस से तेल आयात पर प्रतिबंध का भारत पर पड़ सकता है असर
सीपीआईएम राज्य कमेटी ने कहा कि भारत आयातित कच्चे तेल पर काफी निर्भर है और रूस से होने वाले बड़े तेल आयात के कारण अमेरिकी प्रतिबंधों का संभावित असर भारत पर पड़ सकता है। पार्टी के बयान के अनुसार, जुलाई 2026 में भारत के कुल आयात में रूस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत से अधिक रही।
प्रेम चंद ने कहा कि तेल आपूर्ति में किसी भी तरह की जबरन रुकावट या महंगा विकल्प अपनाने की स्थिति में ईंधन की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, वस्तुओं की कीमतों और आम लोगों की आजीविका पर पड़ने की आशंका जताई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान से भारत का आयात पहले ही रुक चुका है।
अमेरिका के सामने भारत का पक्ष मजबूती से रखने की मांग
सीपीआईएम हरियाणा ने केंद्र सरकार से अमेरिका के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के बीच भारत के हितों को प्राथमिकता देने की मांग की है। पार्टी ने कहा कि भारत को अपनी विदेश और आर्थिक नीतियों से जुड़े फैसले स्वतंत्र रूप से लेने चाहिए।
प्रेम चंद ने केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल से जी-20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के लिए प्रस्तावित अमेरिकी दौरे के दौरान भारत का पक्ष मजबूती से रखने और अमेरिकी प्रतिबंध कानून को रद्द करने की मांग उठाने का आग्रह किया।
सीपीआईएम हरियाणा ने दोहराया कि भारत की आर्थिक और विदेश नीति से जुड़े फैसले किसी बाहरी दबाव या नियंत्रण के अधीन नहीं होने चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *