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कैथल में पशु परिचरों ने तिहरी ड्यूटी के खिलाफ उठाई आवाज, समस्याओं के समाधान की मांग

कैथल, 16 अक्टूबर 2026। हरियाणा राज्य पशुपालन विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी यूनियन की जिला कार्यकारिणी ने पशु परिचरों की लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर आवाज उठाई है। शुक्रवार को उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कैथल के कार्यालय में जिला प्रधान सचिन नैन की अध्यक्षता में गेट मीटिंग आयोजित की गई। इसमें कर्मचारियों को CRM (फसल अवशेष प्रबंधन) ड्यूटी, संस्थानों में सफाई कार्य और अंबाला से दवाइयां लाने के लिए बार-बार ड्यूटी लगाए जाने जैसी समस्याओं पर चर्चा की गई।

यूनियन ने आरोप लगाया कि पिछली बैठकों में समस्याओं के समाधान को लेकर सहमति बनने के बावजूद न तो संबंधित पत्र जारी किए गए और न ही मांगों को धरातल पर लागू किया गया। कर्मचारियों ने मांग की कि उनकी समस्याओं पर विचार करने के लिए उपनिदेशक जल्द बैठक का समय निर्धारित करें।

CRM ड्यूटी के साथ अन्य जिम्मेदारियां मिलने से परेशानी

यूनियन के अनुसार, जिले के पशु परिचरों की ड्यूटी फसल अवशेष प्रबंधन (CRM) कार्य के लिए कृषि विभाग में लगाई जा रही है। इसके साथ ही उन्हें अपनी संबंधित संस्थाओं में भी ड्यूटी करने के लिए बाध्य किया जाता है। इसके अतिरिक्त अंबाला से दवाइयां लाने और कैथल के GVH में उन्हें उतारने के लिए भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

यूनियन ने बताया कि उपनिदेशक कार्यालय के पत्र क्रमांक 2298-2300, दिनांक 15 अक्टूबर 2026 के माध्यम से 16 अक्टूबर को अंबाला से दवाइयां लाने के लिए 30 पशु परिचरों की ड्यूटी लगाई गई थी।

कर्मचारियों का कहना है कि एक ओर CRM ड्यूटी पूरी नहीं होने पर गुण नियंत्रण निरीक्षक, कैथल की ओर से स्पष्टीकरण मांगा जाता है, वहीं दूसरी ओर पशुपालन विभाग की ड्यूटी पूरी नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों की ओर से स्पष्टीकरण जारी करने और वेतन रोकने की कार्रवाई की जाती है। यूनियन ने इसे कर्मचारियों पर दोहरी और तिहरी ड्यूटी का दबाव बताते हुए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानी का मुद्दा उठाया।

सफाई और दवाइयों की लोडिंग-अनलोडिंग का काम न सौंपने की मांग

यूनियन ने आरोप लगाया कि पशु परिचरों पर संस्थानों में सफाई संबंधी कार्य करने का दबाव बनाया जाता है। इसके अलावा अंबाला से दवाइयां लाने तथा उनकी लोडिंग और अनलोडिंग जैसे मजदूरी संबंधी कार्य भी सौंपे जा रहे हैं।

कर्मचारी यूनियन ने मांग की कि पशु परिचरों से उनकी निर्धारित जिम्मेदारियों के अतिरिक्त इस प्रकार के कार्य न करवाए जाएं। साथ ही SIR और CRM जैसे तकनीकी प्रकृति वाले कार्यों के लिए अकुशल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने की व्यवस्था पर भी पुनर्विचार किया जाए।

यूनियन ने रखीं छह प्रमुख मांगें

गेट मीटिंग के दौरान पशु परिचरों ने अपनी समस्याओं के समाधान के लिए निम्नलिखित मांगें रखीं:

  1. CRM (फसल अवशेष प्रबंधन) ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों को दोहरी या तिहरी ड्यूटी के लिए परेशान न किया जाए।
  2. संस्थानों में सफाई संबंधी कार्यों के लिए पशु परिचरों पर दबाव न बनाया जाए।
  3. अंबाला से दवाइयां लाने और उनकी लोडिंग-अनलोडिंग का मजदूरी संबंधी कार्य पशु परिचरों से न करवाया जाए।
  4. SIR, CRM और अन्य तकनीकी प्रकृति के कार्यों के लिए अकुशल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाना बंद किया जाए।
  5. सरकारी आदेशों की अनदेखी कर कर्मचारियों की स्थायी या अस्थायी ड्यूटी लगाने तथा स्थानांतरण करने की व्यवस्था पर रोक लगाई जाए।
  6. अपनी संबंधित संस्था में ड्यूटी देने के कारण CRM कार्य पूरा नहीं कर पाने पर गुण नियंत्रण निरीक्षक, कैथल द्वारा जारी स्पष्टीकरणों के समाधान को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जाएं।

उपनिदेशक से जल्द बैठक बुलाने का अनुरोध

यूनियन ने कहा कि कर्मचारी पहले भी कई बार अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा यह कदम उठाना पड़ा। जिला प्रधान सचिन नैन की अध्यक्षता में आयोजित गेट मीटिंग में निर्णय लिया गया कि उपनिदेशक से मुलाकात कर सभी लंबित मांगों और समस्याओं का समाधान करवाने का प्रयास किया जाएगा।

यूनियन ने उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, कैथल से अनुरोध किया कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द बैठक के लिए समय निर्धारित किया जाए और आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।